नरवर।vशिवपुरी जिले की नरवर तहसील के ग्राम सोनहर में करीब 50 वर्षों यानी आधी सदी से चले आ रहे एक पेचीदा और पुराने भूमि विवाद का प्रशासन ने न केवल खात्मा किया, बल्कि एक पीड़ित और हकदार किसान को उसकी पैतृक कृषि भूमि पर ससम्मान कब्जा वापस दिला दिया। जब अपनी ही जमीन पर किसान ने 50 साल बाद कदम रखा, तो उसकी आंखें खुशी से छलक उठीं।
कलेक्टर की जनसुनवाई से पहुंचाा था मामला
पूरा मामला ग्राम ग्वालिया के रहने वाले किसान शिव सिंह पुत्र सोन सिंह ठाकुर की पैतृक जमीन से जुड़ा हुआ है। शिव सिंह अपनी कीमती कृषि भूमि पर सालों से काबिज रसूखदारों के आगे बेबस थे। न्याय की आस में उन्होंने कलेक्टर की जनसुनवाई का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने 19 मई 2026 को आवेदन क्रमांक 492 के माध्यम से अपनी कृषि भूमि पर अवैध कब्जे की लिखित शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत नरवर प्रशासनिक अमले को जांच और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
जब मैदान में उतरा भारी पुलिस बल और राजस्व अमला
कलेक्टर के आदेश पर अमल करते हुए 25 जून 2026 को नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी और अमोलपठा चौकी प्रभारी अंजली सिंह भारी पुलिस बल और राजस्व अमले (पटवारी और आरआई) के साथ ग्राम सोनहर पहुंचे। कार्रवाई से पहले सभी पक्षों को कानूनी तौर पर पूर्व सूचना दे दी गई थी ताकि कोई टकराव न हो। मौके पर सरकारी मुश्तकिल निशानात (स्थाई चिन्हों) को आधार बनाकर पूरी पारदर्शिता के साथ जमीन का वैज्ञानिक सीमांकन (नाप-जोख) शुरू किया गया।
10 सर्वे नंबर की 20 बीघा जमीन से खदेड़ा कब्जाधारी
सीमांकन के दौरान कागजों और जमीन की हकीकत का मिलान किया गया। इसके बाद सर्वे नंबर 1494/1, 1495, 1496, 1497, 1498, 1499, 1500, 1501/1, 1502/1 और 1503 सहित कुल 10 खातों की 4.05 हेक्टेयर (लगभग 20 बीघा 5 बिस्वा) बेशकीमती कृषि भूमि को चिन्हित किया गया। इस पूरी जमीन पर मजरा सहायपुर के निवासी जसवंत पुत्र करन सिंह गुर्जर का पिछले करीब 50 सालों से अवैध कब्जा चला आ रहा था। प्रशासनिक सख्ती के आगे कब्जाधारी की एक न चली और पूरी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया।
मौके पर बना पंचनामा, किसान ने कहा-प्रशासन मेरे लिए भगवान बन गया
प्रशासन ने मौके पर ही सभी गवाहों की मौजूदगी में वैधानिक पंचनामा तैयार किया और वास्तविक भूमिस्वामी शिव सिंह ठाकुर को उनकी जमीन की चाबी यानी भौतिक कब्जा सौंप दिया। इसके साथ ही प्रशासन ने कब्जा प्राप्ति की रसीद भी ली ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।
करीब आधी सदी के लंबे और थका देने वाले इंतजार के बाद जब शिव सिंह को अपनी पूरी कृषि भूमि वापस मिली, तो उनका पूरा परिवार भावुक हो गया। किसान शिव सिंह ने गद्गद कंठ से कलेक्टर, तहसीलदार विजय कुमार त्यागी, राजस्व विभाग और मुस्तैद पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज इस त्वरित कार्रवाई ने साबित कर दिया कि सूबे में आज भी गरीबों की सुनने वाला और न्याय दिलाने वाला तंत्र जिंदा है।

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