शिवपुरी के 38 मैरिज गार्डन तंदूर के रूप में, वही 10 अस्पताल भी डेंजर जोन में

vikas
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शिवपुरी।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ मे कोचिंग में अग्निकांड के बाद शिवपुरी जिला प्रशासन भी फायर सेफ्टी के मामले को सख्त हो गया है। एक डाटा के अनुसार शिवपुरी शहर के 38 मैरिज गार्डन तंदूर का रूप धारण किए हुए है इन मैरिज गार्डन मे फायर सिस्टम नहीं हैं वही शिवपुरी के 10 निजी अस्पताल भी डेंजर जॉन है। इन अस्पतालों में भी फायर सिस्टम नहीं है। 

इसी कारण शिवपुरी नगर पालिका परिषद ने शहर के 53 मैरिज गार्डनों, 15 निजी अस्पतालों के अलावा होटल, रेस्टोरेंट, बड़े शोरूम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का अंतिम समय दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय सीमा में प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

नगर पालिका के अनुसार, जिन 53 मैरिज गार्डनों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें से केवल 15 के पास ही वैध फायर एनओसी उपलब्ध है। शेष अधिकांश मैरिज गार्डन बिना आवश्यक फायर सुरक्षा प्रमाण पत्र के संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार 15 निजी अस्पतालों में से केवल 5 अस्पतालों के पास फायर एनओसी दर्ज है, जबकि बाकी अस्पताल बिना इस अनिवार्य अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं।

प्रशासन की कार्रवाई केवल मैरिज गार्डन और अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगी। शहर के होटल, रेस्टोरेंट, बड़े व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और अन्य भीड़भाड़ वाले प्रतिष्ठानों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी से निर्धारित समय के भीतर फायर सुरक्षा संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

पहले कोचिंग सेंटरों पर हुई थी कार्रवाई
लखनऊ की घटना के बाद प्रशासन ने पहले चरण में शहर के कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान कई कोचिंग सेंटरों में फायर फाइटिंग सिस्टम और सुरक्षा मानकों का अभाव मिला, जिसके चलते कुछ संस्थानों को सील भी किया गया। अब दूसरे चरण में प्रशासन ने ऐसे सभी बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जांच के दायरे में ले लिया है, जहां बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है।

फायर सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट अनिवार्य
नियमों के अनुसार सभी भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक भवनों में फायर फाइटिंग सिस्टम, अग्निशमन उपकरण, इमरजेंसी एग्जिट और वैध फायर एनओसी होना अनिवार्य है। नगर पालिका की टीम नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी। जिन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा संबंधी कमियां या एनओसी का अभाव मिलेगा, उनके खिलाफ तत्काल सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब संचालक टेंशन में
प्रशासन की सख्ती के बाद मैरिज गार्डन संचालकों, अस्पताल प्रबंधन और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप की स्थिति है। कई संचालकों ने आनन-फानन में अग्निशमन उपकरण लगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि कई फायर एनओसी के लिए आवेदन तैयार कराने में जुट गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

अधिकारी बोले
नगर पालिका परिषद के सब इंजीनियर जीत सिंह खापरे ने बताया, शहर के मैरिज गार्डन, निजी अस्पतालों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को फायर एनओसी के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं। जिन प्रतिष्ठानों के पास निर्धारित समय में फायर एनओसी प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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