कोलारस। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को पक्का घर देने की सरकारी मंशा पर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब कोलारस जनपद की ग्राम पंचायत सजाई के एक हितग्राही ने पंचायत सचिव पर छत निर्माण की अंतिम किस्त जारी करने के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। पीड़ित का कहना है कि रुपये नहीं देने पर उसकी किस्त रोक दी गई, जबकि गांव के अन्य हितग्राहियों को भुगतान कर दिया गया। परेशान हितग्राही मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचा और तहसीलदार प्रदीप भार्गव को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच तथा कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित लखन सिंह पुत्र मंगल्या लोधी, निवासी ग्राम सजाई ने आवेदन में बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसे मकान स्वीकृत हुआ था। योजना की दो किस्तें मिलने के बाद उसने किसी तरह दीवारें खड़ी कर लीं, लेकिन अब मकान पर छत डालने के लिए तीसरी और अंतिम किस्त का इंतजार है।
रिश्वत नहीं दी तो रुक गई किस्त
लखन सिंह का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सचिव प्रदीप शर्मा ने अंतिम किस्त जारी करने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की। जब उसने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो उसकी फाइल आगे नहीं बढ़ाई गई। उसका कहना है कि गांव के अन्य हितग्राहियों की किस्तें जारी हो चुकी हैं, लेकिन उसकी फाइल जानबूझकर रोक दी गई है।
बरसात में अधूरे मकान में रहने को मजबूर परिवार
पीड़ित ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के बीच बिना छत के अधूरे मकान में परिवार के साथ रहना बेहद कठिन हो गया है। बारिश का पानी मकान में भर जाता है, जिससे परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उसका कहना है कि यदि समय पर किस्त मिल जाती, तो अब तक मकान की छत तैयार हो चुकी होती।
जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार
निराश होकर लखन सिंह मंगलवार को जनसुनवाई में तहसीलदार प्रदीप भार्गव के समक्ष पहुंचा। उसने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, रुकी हुई किस्त जल्द जारी कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सचिव ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं ग्राम पंचायत सजाई के सचिव प्रदीप शर्मा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने करीब 15 दिन पहले ही सजाई पंचायत में सचिव का कार्यभार संभाला है। उन्होंने किसी भी हितग्राही से पैसे की मांग नहीं की है। सचिव का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
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