शिवपुरी में सिंधियानिष्ठ मंत्री की निकली शवयात्रा, एक दिन पहले 15 गांवों ने किया था चक्काजाम

Lalit Mudgal
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शिवपुरी।
शिवपुरी जिले में लगातार हो रही बिजली कटौती के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश अब आंदोलन का रूप ले चुका है। महज 24 घंटे के भीतर जिले में दो बड़े विरोध प्रदर्शन हुए। मंगलवार को सीहोर थाना क्षेत्र के वहगवां के पास 15 गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने करेरा-भितरवार मार्ग पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद जब हालात नहीं बदले तो बुधवार को सिरसौद क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री की तस्वीर लगाकर प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली और पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कर अपना विरोध दर्ज कराया। लगातार हो रहे इन आंदोलनों ने जिले की बिजली व्यवस्था और प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

15 गांवों ने रोकी सड़क, दो घंटे लगा रहा जाम
मंगलवार को वहगवां गांव के पास बिजली कटौती से परेशान 15 गांवों के किसान और ग्रामीण सड़क पर उतर आए। करेरा-भितरवार मार्ग पर चक्काजाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस और बिजली कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को जल्द बिजली व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया। इसके बाद लगभग दो घंटे बाद जाम समाप्त कराया गया।

सिर्फ छह घंटे मिल रही बिजली, सूखने लगी धान की फसल
वहगवां पंचायत के सरपंच गजेंद्र रावत ने बताया कि क्षेत्र में पंप फीडर से पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। 24 घंटे में मुश्किल से छह घंटे बिजली दी जा रही है, वह भी बीच-बीच में बंद कर दी जाती है। आबादी फीडर पर भी लगातार कटौती हो रही है। इसका सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है और खेतों में खड़ी धान की फसल सूखने लगी है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

आश्वासन के बाद भी नहीं बदले हालात, अगले दिन निकली शवयात्रा
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने पांच दिन में व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया था, लेकिन बिजली कटौती जारी रही। इसके विरोध में बुधवार को सिरसौद क्षेत्र के ग्रामीणों ने अनोखा प्रदर्शन किया। रामराजा मंदिर से प्रदेश के ऊर्जा मंत्री की तस्वीर लगाकर प्रतीकात्मक अर्थी निकाली गई। अंतिम यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए काली माता मंदिर परिसर पहुंची, जहां विधि-विधान से प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया गया।

बिजली कंपनी के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिजली कंपनी मुर्दाबाद के नारे लगाए और कहा कि लगातार बिजली कटौती से खेती-किसानी, घरेलू कामकाज और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बाद भी बिजली कंपनी केवल आश्वासन देती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हो रहा।

अंतिम संस्कार के बाद किया सामूहिक स्नान
प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार के बाद ग्रामीण पंचायत के बोरवेल पर पहुंचे और सामूहिक स्नान किया। ग्रामीणों ने कहा कि यह प्रदर्शन व्यवस्था के प्रति उनके आक्रोश का प्रतीक है। उनका कहना है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली संकट अब उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और खेती दोनों पर भारी पड़ रहा है। धान की फसल सूखने लगी है, सिंचाई प्रभावित हो रही है और बच्चों की पढ़ाई तक बाधित हो रही है। उन्होंने प्रशासन और बिजली कंपनी को चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

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