शिवपुरी। शिवपुरी जिले में आखिरकार मानसून ने जोरदार दस्तक दे दी। करीब 15 दिन के लंबे इंतजार के बाद बुधवार सुबह दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने जहां गर्मी और उमस से बेहाल लोगों को राहत दी, वहीं खेतों में पानी पहुंचने से किसानों के चेहरे भी खिल उठे। बारिश के कारण शहर की कई सड़कों और निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति बन गई, जबकि मौसम विभाग ने 30 जुलाई के बाद जिले में और तेज बारिश होने का अनुमान जताया है।
लंबे इंतजार के बाद बुधवार को मानसून ने आखिरकार शिवपुरी जिले पर मेहरबानी दिखाई। सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगातार हुई तेज बारिश ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया। आसमान में सुबह से ही घने काले बादल छाए हुए थे और कुछ देर बाद शुरू हुई बारिश ने देखते ही देखते झमाझम का रूप ले लिया।
करीब दो घंटे तक लगातार हुई बारिश से शहर की सड़कों पर पानी बहने लगा। कई निचले इलाकों और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि तेज बारिश ने कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से बड़ी राहत भी दिलाई। मंगलवार शाम और रात को हुई बारिश के बाद बुधवार की झमाझम बारिश ने मौसम को पूरी तरह सुहावना बना दिया।
किसानों के लिए बनी राहत की बारिश
यह बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। जिले में अधिकांश किसान खरीफ फसलों की बुवाई कर चुके थे और पिछले करीब 15 दिनों से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। लगातार बारिश नहीं होने से फसलों की बढ़वार प्रभावित होने लगी थी और किसानों को सिंचाई की चिंता सताने लगी थी।
बुधवार की बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है, जिससे मक्का, सोयाबीन, धान और अन्य खरीफ फसलों को नया जीवन मिल गया है। जिन क्षेत्रों में धान की रोपाई बाकी थी, वहां भी किसानों ने अब तेजी से बुवाई का काम शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि इस बारिश से सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बचेगा।
30 जुलाई के बाद और तेज होगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार यह बारिश मानसून की सक्रियता का संकेत है। विभाग का अनुमान है कि 30 जुलाई के बाद शिवपुरी और आसपास के अंचलों में बारिश का दौर और तेज हो सकता है। यदि पूर्वानुमान सही साबित हुआ तो जिले में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा।
अब तक 259.39 मिमी बारिश दर्ज
भू-अभिलेख शाखा के अनुसार 1 जून 2026 से अब तक शिवपुरी जिले में औसतन 259.39 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। जबकि जिले की सामान्य औसत वर्षा 816.30 मिमी है। यानी अब तक सामान्य बारिश का करीब एक-तिहाई पानी ही बरस पाया है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में 908.79 मिमी औसत बारिश दर्ज हो चुकी थी, जबकि पूरे मानसून सीजन में 1,585.86 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। इससे स्पष्ट है कि इस बार मानसून अभी भी सामान्य से काफी पीछे चल रहा है।
करैरा सबसे आगे, बैराड़ सबसे पीछे
जिले में अब तक सबसे अधिक 339.40 मिमी बारिश करैरा में दर्ज की गई है। इसके बाद नरवर में 317 मिमी, शिवपुरी में 298.80 मिमी, कोलारस में 293 मिमी, बदरवास में 263.80 मिमी, पोहरी में 260 मिमी, पिछोर में 234 मिमी और खनियाधाना में 193.50 मिमी वर्षा हुई है। सबसे कम बारिश बैराड़ में केवल 135 मिमी दर्ज की गई है।
हालांकि बारिश का यह दौर किसानों के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार के लिए आने वाले दिनों में भी लगातार और संतुलित बारिश जरूरी होगी। अब जिले के किसानों और आम लोगों की निगाहें मौसम विभाग के उस पूर्वानुमान पर टिकी हैं, जिसमें 30 जुलाई के बाद मानसून को और अधिक सक्रिय होने की संभावना जताई गई है।
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