शिवपुरी। पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में दर्ज एफआईआर का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इस प्रकरण में मध्यप्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा संघ की शिवपुरी जिला इकाई खुलकर एसडीएम के समर्थन में सामने आई है। संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर अर्पित वर्मा को सौंपते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष, वैज्ञानिक और त्वरित जांच कराने की मांग की है।
संघ का कहना है कि किसी भी अधिकारी के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच होना आवश्यक है, लेकिन बिना पर्याप्त और सत्यापित साक्ष्यों के दर्ज की गई एफआईआर किसी अधिकारी की प्रतिष्ठा, मनोबल और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए।
कूटरचित ऑडियो के आधार पर दर्ज हुई एफआईआर
ज्ञापन में प्रशासनिक सेवा संघ ने आरोप लगाया है कि एसडीएम जेपी गुप्ता के खिलाफ कथित भूमाफियाओं और षड्यंत्रकारी तत्वों ने कूटरचित (फर्जी) ऑडियो का सहारा लेकर प्रकरण दर्ज कराया है। संघ का दावा है कि यह कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण मंशा से प्रेरित है और इसकी गहराई से जांच होना आवश्यक है।
पदभार ग्रहण के तीन दिन बाद सामने आया था मामला
संघ ने अपने ज्ञापन में घटनाक्रम का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार एसडीएम जेपी गुप्ता ने 12 जून को पोहरी में पदभार ग्रहण किया था, जबकि एफआईआर में जिस रिकॉर्ड दुरुस्ती प्रकरण का उल्लेख किया गया है, वह पहली बार 15 जून को उनके समक्ष प्रस्तुत हुआ था।
संघ का कहना है कि संबंधित प्रकरण में आवेदक बाबू सिंह राजपूत को 6 जुलाई को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया गया था। उस निर्धारित तारीख तक मामले में कोई अंतिम आदेश पारित ही नहीं हुआ था। ऐसे में एफआईआर दर्ज होने की परिस्थितियां भी निष्पक्ष जांच का विषय हैं।
शिकायतकर्ता का प्रकरण से कोई कानूनी संबंध नहीं
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि एफआईआर के शिकायतकर्ता गोविंद शिवहरे का संबंधित रिकॉर्ड दुरुस्ती प्रकरण से कोई प्रत्यक्ष या वैधानिक संबंध नहीं है। वह न तो मामले का पक्षकार है और न ही उसका कोई कानूनी हित इससे जुड़ा हुआ है। संघ का कहना है कि इस तथ्य की भी जांच होनी चाहिए कि किन परिस्थितियों में उसकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया।
भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का बताया असर
प्रशासनिक सेवा संघ ने आरोप लगाया है कि एसडीएम जेपी गुप्ता वर्तमान में शासकीय भूमि तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की जमीनों पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। इन कार्रवाइयों से प्रभावित भूमाफियाओं और स्वार्थी तत्वों ने उन्हें निशाना बनाने के उद्देश्य से फर्जी शिकायतें और कथित कूटरचित ऑडियो का सहारा लिया है।
मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग
संघ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र, वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी पर आरोप हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना ठोस और प्रमाणित साक्ष्यों के किसी ईमानदार अधिकारी की छवि धूमिल करना न्यायसंगत नहीं है।

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