शिवपुरी। शादी के समय हर लड़की एक खुशहाल परिवार और सम्मानजनक जीवन का सपना लेकर ससुराल जाती है, लेकिन शिवपुरी की एक महिला का आरोप है कि उसका यह सपना शादी के कुछ समय बाद ही टूट गया। महिला का कहना है कि उसने करीब आठ वर्षों तक परिवार बचाने और अपनी दो बेटियों के भविष्य की खातिर हर तरह की प्रताड़ना सहन की, लेकिन जब हालात असहनीय हो गए तो आखिरकार उसने पुलिस की शरण लेकर न्याय की गुहार लगाई।
माया कुशवाह ने बातया कि उसकी शादी विष्णु कुशवाह निवासी वार्ड क्रमांक 4 गायत्री कॉलोनी कोलारस के साथ सन 2018 मे हुई थी। विवाह के समय मायके पक्ष ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज और घरेलू सामान दिया था। कुछ समय बाद पति का व्यवहार बदल गया और अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू हो गई।
दो लाख रुपए और बाइक की मांग का आरोप
शिकायत के अनुसार पति ने दो लाख रुपए नकद और एक मोटरसाइकिल की मांग करते हुए महिला पर लगातार दबाव बनाया। महिला का आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती रही। कई बार जान से मारने की धमकी भी दी गई। महिला का कहना है कि उसने अपने वैवाहिक जीवन को बचाने के लिए लंबे समय तक समझौता किया और परिवार को टूटने से बचाने का प्रयास किया, लेकिन प्रताड़ना का सिलसिला नहीं रुका।
बेटियों की सुरक्षा के लिए अब चुप नहीं रह सकती
आवेदन में महिला ने बताया कि अब मामला सिर्फ उसका नहीं, बल्कि उसकी दो नाबालिग बेटियों की सुरक्षा और भविष्य का भी है। इसी कारण उसने पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए अपने और अपनी बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
पहले भी दिया था आवेदन
महिला ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि उसने पहले भी संबंधित थाने में शिकायत दी थी, लेकिन उसकी शिकायत पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने दोबारा विस्तृत आवेदन देकर भारतीय न्याय संहिता और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस जांच के बाद होगी कार्रवाई
महिला ने पुलिस से पति और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा स्वयं और अपनी बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। मामले में पुलिस द्वारा शिकायत की जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्य सामने आने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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