रन्नौद बदरवास। शिवपुरी जिले के रन्नौद संकुल अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय ढेकुआ में एक बड़ा हादसा उस समय हो गया, जब विद्यालय में पंखा लगाने पहुंचे युवक को 33 केवी हाईटेंशन लाइन ने अपनी चपेट में ले लिया। युवक गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे पहले जिला अस्पताल शिवपुरी ले जाया गया और हालत नाजुक होने पर ग्वालियर रेफर कर दिया गया।
घटना ने एक बार फिर बिजली कंपनी और संबंधित विभागों की लापरवाही को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन की छत के ठीक ऊपर से वर्षों से 33 केवी बिजली लाइन गुजर रही है। इस गंभीर खतरे को लेकर कई बार लिखित शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी इसे गंभीरता से नहीं लिया।
पंखा लगाने चढ़ा था युवक, करंट की चपेट में आया
जानकारी के अनुसार ग्राम सेसर-सेसई निवासी आदिल पुत्र करीमुद्दीन विद्यालय में पंखा लगाने के लिए छत पर चढ़ा था। जैसे ही वह हाईटेंशन लाइन के करीब पहुंचा, करीब पांच फीट की दूरी से ही करंट की चपेट में आ गया। तेज झटके के साथ वह गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उसे नीचे उतारा और इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे ग्वालियर रेफर कर दिया।
स्कूल में हर दिन खतरे के साये में पढ़ते हैं बच्चे
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की छत के ठीक ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन बच्चों और शिक्षकों के लिए लगातार खतरा बनी हुई है। बारिश के मौसम में यह खतरा और भी बढ़ जाता है। यदि कोई बच्चा खेलते-खेलते छत पर पहुंच जाए या किसी कारणवश लाइन के संपर्क में आ जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है।
कई शिकायतें, लेकिन नहीं जागा बिजली विभाग
ग्रामीणों के मुताबिक विद्यालय प्रबंधन, जनप्रतिनिधियों और गांव के लोगों ने कई बार बिजली कंपनी तथा प्रशासन को लिखित आवेदन देकर हाईटेंशन लाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की। इसके बावजूद विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब युवक के झुलसने की घटना के बाद लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्या विभाग किसी मासूम बच्चे की जान जाने का इंतजार कर रहा है?
ग्रामीण बोले-अब भी नहीं चेते तो कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
क्षेत्रीय नागरिक धर्मेंद्र गुर्जर ने कहा कि विद्यालय की छत के ऊपर से गुजर रही 33 केवी लाइन बच्चों, शिक्षकों और गांव के लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा है। कई बार बिजली कंपनी और प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब युवक के झुलसने के बाद भी यदि जिम्मेदार नहीं जागे तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
प्राचार्य ने भी कई बार लिखा पत्र
विद्यालय के प्राचार्य संतोष सैनी ने बताया कि इस संबंध में शिक्षा विभाग और बिजली कंपनी को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। लगातार मांग की जा रही है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए हाईटेंशन लाइन को तत्काल दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पार्षद ने उठाए सवाल
स्थानीय पार्षद शिशुपाल आदिवासी ने कहा कि विद्यालय भवन के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते लाइन नहीं हटाई गई तो भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली कंपनी से मांग की है कि विद्यालय परिसर से गुजर रही 33 केवी हाईटेंशन लाइन को तत्काल दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए, ताकि बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों की जान सुरक्षित रह सके तथा भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

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