शिवपुरी। जिले में मंगलवार की रात कुदरत अचानक रौद्र रूप में आ गई। शांत मौसम ने पल भर में ऐसी करवट ली कि तेज आंधी, गरजती बारिश और आसमान से कड़कती बिजली ने कई गांवों में भारी तबाही मचा दी। कुदरत के इस कहर ने कहीं किसानों की आजीविका छीन ली, तो कहीं आस्था के केंद्र को नुकसान पहुंचाया।
एक झटके में छिना 4 लाख का रोजगार, 5 भैंसों की दर्दनाक मौत
इस आसमानी आफत का सबसे बड़ा शिकार पिछोर अनुविभाग का तिजारपुर गांव बना। यहां के किसान दानवीर सिंह यादव के लिए मंगलवार की रात एक बुरा सपना साबित हुई। रात करीब साढ़े आठ बजे खिरियान में बंधी उनकी पांच भैंसों पर सीधे आकाशीय बिजली आ गिरी।
इस खौफनाक हादसे में मौके पर ही पांचों भैंसों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया
रुंधे गले से किसान ने बताया कि एक ही पल में उन्हें चार लाख रुपए से अधिक का नुकसान हो गया है। पीड़ित किसान ने अब प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है।
आसमानी माता मंदिर पर गिरी आसमानी गाज
कुदरत का यह कहर देवस्थानों पर भी बरसा। खोड़ स्थित प्रसिद्ध आसमानी माता मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरने से मंदिर का भव्य शिखर और भवन का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत यह रही कि रात का समय होने के कारण मंदिर परिसर में कोई श्रद्धालु मौजूद नहीं था, जिससे एक बहुत बड़ा जनहानि का हादसा टल गया।
खेतों में बिछ गए खंभे, सिंचाई पर छाया संकट
आंधी की रफ्तार इतनी खौफनाक थी कि तेंदुआ थाना क्षेत्र के सिंधारपुर गांव में बिजली के खंभे तिनकों की तरह धराशायी हो गए। आंधी ने खेतों में लगे करीब एक दर्जन बिजली के खंभों को उखाड़ फेंका। किसान रामप्रसाद धाकड़ के खेत में लगा भारी-भरकम ट्रांसफार्मर भी खंभे समेत जमीन पर आ गिरा। किसानों का दर्द इसलिए भी गहरा है क्योंकि खेतों तक बिजली पहुंचाने के लिए उन्होंने अपनी जेब से पैसा खर्च कर ये लाइनें और ट्रांसफार्मर लगवाए थे।
मुआवजे की आस में ग्रामीण
इस तबाही भरी रात के गुजरने के बाद अब ग्रामीण नुकसान के साये में हैं। खंभे गिरने से पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे फसलों की सिंचाई पर भी संकट खड़ा हो गया है। परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने और खेतों की बिजली व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल करने की मांग की है।

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