निशांत प्रजापति @ नरवर। शिवपुरी जिले के नरवर कस्बे में आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब तहसीलदार विजय कुमार त्यागी अपनी पूरी राजस्व टीम के साथ अचानक कोचिंग सेंटरों का मुआयना करने सड़क पर उतर आए। कलेक्टर अर्पित वर्मा के सख्त निर्देशों के बाद शुरू हुए इस चेकिंग अभियान में जो तस्वीरें सामने आईं, उसने प्रशासन के भी होश उड़ा दिए। बच्चों के भविष्य को संवारने का दावा करने वाले कई कोचिंग संचालक, चंद रुपयों की खातिर मासूमों की जान दांव पर लगाकर दमघोंटू कमरों में क्लास चला रहे थे।
तलघर के गोदाम में चल रही थी क्लास, हवा के लिए तरस रहे थे बच्चे
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला और डरावना नजारा तब देखने को मिला, जब तहसीलदार अनिल कोचिंग क्लासेस में एक तलघर (बेसमेंट) में पहुंचे। वहां एक गोदाम में बच्चों को ठूंस-ठूंस कर पढ़ाया जा रहा था। उस कमरे में वेंटिलेशन का नामोनिशान नहीं था और बच्चे बमुश्किल सांस ले पा रहे थे। इस अमानवीय स्थिति को देखकर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी का पारा चढ़ गया। उन्होंने संचालक को आड़े हाथों लेते हुए मौके पर ही क्लास को बंद करवाया और बिल्डिंग को सील करने के आदेश दे दिए।
इन 4 नामी कोचिंग्स पर लटका प्रशासन का ताला
जांच में न तो आग से निपटने के इंतजाम (फायर सेफ्टी) मिले और न ही इमरजेंसी एग्जिट। गंभीर अनियमितताएं और बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ पाए जाने पर प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए इन 4 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया:
- जागृति इंस्टीट्यूट ऑफ इंग्लिश
- जान्हवी कोचिंग क्लासेस
- भार्गव कोचिंग क्लासेस
- अनिल कोचिंग क्लासेस
क्या लखनऊ हादसे जैसी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार है
तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने संचालकों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, आप लोग बच्चों के भविष्य के साथ-साथ उनकी जिंदगी से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। अगर यहां कोई हादसा हो गया, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड को देश भूला नहीं है, जहां कई मासूमों ने दम तोड़ दिया था। ऐसे हादसों से सबक लें।
प्रशासन की चेतावनी, आगे भी जारी रहेगा हंटर
तहसीलदार ने साफ कर दिया है कि नरवर में यह अभियान थमेगा नहीं। जो भी कोचिंग संस्थान नियमों को ताक पर रखकर चलेंगे या बच्चों की सुरक्षा से समझौता करेंगे, उनके खिलाफ सिर्फ सीलिंग ही नहीं, बल्कि सख्त कानूनी एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।

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