शिवपुरी। शिवपुरी शहर मुख्यालय की कृषि उपज मंडी को अब आदर्श मंडी का दर्जा मिल सकता है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और मंडी परिसर में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिवपुरी कृषि उपज मंडी को प्रदेश की आदर्श मंडियों की श्रेणी में शामिल करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। मंडी प्रशासन द्वारा तैयार प्रस्ताव मंडी बोर्ड भोपाल भेजा जा चुका है और मंडी बोर्ड ने भी इसे शासन के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। शासन की मंजूरी मिलते ही शिवपुरी कृषि उपज मंडी प्रदेश की पांचवीं आदर्श मंडी बन जाएगी।
वर्तमान में मध्यप्रदेश में केवल भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नीमच की मंडियां आदर्श मंडी के रूप में विकसित हैं। अब शिवपुरी का नाम भी इस सूची में शामिल होने जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 4 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का अनुमान है।
किसानों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
आदर्श मंडी के रूप में विकसित होने के बाद शिवपुरी मंडी का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। मंडी परिसर में सबसे पहले व्यापक स्तर पर सीसी सड़क और फर्श निर्माण कराया जाएगा, जिससे बरसात के दिनों में किसानों को कीचड़ और फिसलन जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
रात्रिकालीन गतिविधियों को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए मंडी परिसर में हाईमास्ट लाइटें स्थापित की जाएंगी। किसानों और व्यापारियों के लिए बड़े और सुरक्षित शेड बनाए जाएंगे, ताकि बारिश या तेज धूप के दौरान उपज और किसानों दोनों को सुरक्षा मिल सके।
लगेंगे हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक तोल कांटे
मंडी को तकनीकी रूप से भी अत्याधुनिक बनाया जाएगा। परिसर में हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे लगाए जाएंगे, जिससे तौल प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सटीक हो सकेगी। इसके साथ ही फसलों की गुणवत्ता जांचने के लिए आधुनिक ग्रेडिंग मशीन और प्रयोगशाला (लैब) स्थापित की जाएगी।
ग्रेडिंग मशीन के माध्यम से गेहूं, चना सहित अन्य फसलों की सफाई और गुणवत्ता निर्धारण किया जाएगा, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। भविष्य में यहां फसलों की ऑनलाइन नीलामी व्यवस्था भी शुरू की जाएगी, जिससे व्यापार प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
कचरा प्रबंधन और स्वच्छता पर रहेगा विशेष फोकस
मंडी परिसर में आधुनिक कचरा प्रबंधन यूनिट स्थापित की जाएगी। इसमें गीले और सूखे कचरे के पृथक निस्तारण की व्यवस्था होगी। इससे मंडी परिसर में फैली गंदगी की समस्या समाप्त होगी और किसानों, व्यापारियों तथा कर्मचारियों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा।
पेट्रोल पंप, बीज भंडार और खादी दुकान भी होगी
किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मंडी परिसर के भीतर ही पेट्रोल पंप संचालित किया जाएगा, ताकि कृषि उत्पाद लेकर आने वाले किसानों को ईंधन के लिए बाहर न जाना पड़े। इसके अलावा बीज भंडार और खादी की दुकान भी स्थापित की जाएगी, जहां से किसान बीज, कृषि सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं खरीद सकेंगे।
जाम मुक्त होगी मंडी, बनेंगे आधुनिक विश्राम कक्ष
परियोजना के तहत मंडी परिसर का ऐसा विकास किया जाएगा कि अधिक संख्या में वाहनों की आवाजाही होने पर भी जाम की स्थिति न बने। किसानों के ठहरने और आराम के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्राम कक्ष (आदर्श रूम) बनाए जाएंगे। वहीं मंडी के प्रवेश द्वार पर नया हाईटेक और आकर्षक गेट भी निर्मित किया जाएगा।
स्वीकृति मिलते ही शुरू होगा काम
मंडी सचिव बालेश शुक्ला ने बताया कि शिवपुरी मंडी को आदर्श मंडी बनाने का प्रस्ताव मंडी बोर्ड को भेजा जा चुका है और वहां से यह शासन के पास पहुंच चुका है। शासन की मंजूरी मिलते ही निर्माण एवं विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। उनका कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करना है।
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो आने वाले समय में शिवपुरी मंडी न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों के लिए एक मॉडल कृषि बाजार के रूप में स्थापित होगी।

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