शिवपुरी। जिले के अमोला थाना क्षेत्र में शराब बेचने के शक ने एक सनसनीखेज वारदात को जन्म दे दिया। कलारी कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी को आधी रात बीच रास्ते से कथित तौर पर अगवा कर लिया गया। आरोप है कि तीन युवकों ने उसे गाड़ी से उतारकर पहले बेरहमी से पीटा, फिर पूरी रात अलग-अलग स्थानों पर घुमाते हुए बंधक बनाए रखा। सुबह जान से मारने की धमकी देकर छोड़ने के बाद पीड़ित ने पुलिस की शरण ली, जिस पर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बीच रास्ते रोकी गाड़ी, डरकर मौके से भागा मैनेजर
जानकारी के अनुसार, अमोला थाना क्षेत्र के ग्राम जुगिया निवासी 38 वर्षीय लोकेन्द्र सिंह सिकरवार अमोलपठा स्थित कलारी कार्यालय में काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि 22 जून की रात करीब 12:30 बजे वह मैनेजर आर.के. राय के कहने पर उनके साथ करैरा जा रहा था। इसी दौरान ग्राम थरखेड़ा के पास आदर्श राय, उपेन्द्र राय और इन्द्रपाल यादव ने उनकी गाड़ी रोक ली। आरोपियों ने लोकेन्द्र को जबरन गाड़ी से उतारा और शराब बेचने का आरोप लगाते हुए गालियां देने लगे। विवाद होता देख मैनेजर आर.के. राय घबराकर मौके से भाग गया।
जमीन पर पटककर पीटा, भौती के मकान में बनाया बंधक
लोकेन्द्र ने जब गालियों का विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे जमीन पर पटक दिया और प्लास्टिक के पाइप से बेरहमी से पीटा। इस मारपीट में उसकी पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। मारपीट के दौरान मौके पर दो अन्य लोग भी आ गए।
इसके बाद आरोपियों ने लोकेन्द्र को जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। अपहरण करने के बाद वे उसे सीहोर, छितरी तिराहा और कुशवाह ढाबा सहित कई जगहों पर घुमाते रहे। अंत में उसे भौती स्थित एक मकान में ले जाकर बंधक बना लिया गया।
जान से मारने की धमकी देकर सुबह छोड़ा, BNS की धाराओं में केस दर्ज
रातभर बंधक बनाए रखने के बाद सुबह करीब 4 बजे आरोपियों ने लोकेन्द्र को सिरसौद चौराहे पर ले जाकर छोड़ दिया। जाते-जाते उन्होंने धमकी दी कि यदि पुलिस में शिकायत की, तो वे उसे जान से मार देंगे। वहां से छूटने के बाद लोकेन्द्र ने अपने परिचित जीतेन्द्र सिकरवार और कोमल सिंह सिकरवार को पूरी घटना बताई और अमोला थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
अमोला थाना पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर आरोपी आदर्श राय, उपेन्द्र राय और इन्द्रपाल यादव सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296(बी), 351(3), 127(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

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