शिवपुरी। जिले में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब पोहरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं मध्य प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री रह चुके सुरेश राठखेड़ा के 2 भतीजे पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर शहर के मनियर क्षेत्र स्थित पुराने बाईपास की पानी की टंकी पर चढ़ गए। युवकों ने पोहरी पुलिस पर प्रताड़ना और ट्रैक्टर चोरी की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। घटना के चलते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और करीब ढाई घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
जानकारी के अनुसार पोहरी थाना क्षेत्र के दुल्हारा गांव निवासी अंकेश धाकड़ और सत्येंद्र धाकड़ मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गए। उनके साथ मौजूद परिजनों और समर्थकों ने आरोप लगाया कि पोहरी थाना प्रभारी रवि चौहान और एसआई दिनेश कोठारी द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा है। युवकों ने दोनों अधिकारियों को हटाने और निष्पक्ष जांच की मांग की।
ट्रैक्टर चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का आरोप
टंकी के नीचे मौजूद गोविंद धाकड़ ने बताया कि 27 मई को उनके परिवार का ट्रैक्टर चोरी हो गया था। ट्रैक्टर मालिक अंकेश धाकड़ ने कई बार पोहरी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। उनका आरोप है कि जब 3 जून को अंकेश और सतेंद्र दोबारा शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय पुलिस ने उन पर मारपीट और शांतिभंग की धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने न्याय की मांग को लेकर लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाए। 9 जून को एसपी कार्यालय में भी शिकायत की गई थी, जहां 15 दिन के भीतर जांच कर कार्रवाई का आश्वासन मिला था। इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली, बल्कि दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा। इसी से आक्रोशित होकर दोनों युवक पानी की टंकी पर चढ़ गए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए। नायब तहसीलदार अजीत तोमर सहित अन्य अधिकारियों ने युवकों से बातचीत की और उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिलाया। काफी समझाइश के बाद दोपहर करीब 1 बजे दोनों युवक टंकी से नीचे उतरने को तैयार हुए। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
पुलिस का पक्ष: जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले में पोहरी थाना प्रभारी रवि चौहान ने कहा कि ट्रैक्टर चोरी की शिकायत पुलिस को प्राप्त हुई थी, लेकिन संबंधित ट्रैक्टर फाइनेंस पर होने के कारण मामले की जांच की जा रही है। उनका कहना है कि बिना जांच पूरी हुए एफआईआर दर्ज कराने का दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस का दावा है कि मामले की विधिसम्मत जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
थाने के बाहर मारपीट का वीडियो बना विवाद की वजह
पुलिस ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए बताया कि 3 जून को भटनावर गांव निवासी मोनू बैरागी, उनकी पत्नी आशा बैरागी और भाई संजू बैरागी एक प्रकरण में गवाही देने पोहरी थाने पहुंचे थे। आरोप है कि गवाही देकर लौटने के दौरान थाने के बाहर उन्हें रोककर मारपीट की गई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें गोविंद धाकड़ कथित रूप से मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी आधार पर पुलिस ने गोविंद, अंकेश और सतेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
तीनों भाइयों पर दर्ज हैं 14 आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार तीनों भाइयों के खिलाफ विभिन्न मामलों में कुल 14 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें गोविंद उर्फ भरत धाकड़ पर 9, सतेंद्र धाकड़ पर 3 और अंकेश धाकड़ पर 2 मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि एक मामले में न्यायालय द्वारा सजा और जुर्माना भी सुनाया जा चुका है।
फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक और युवक पुलिस पर प्रताड़ना और शिकायतों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस अपने स्तर पर कार्रवाई को उचित ठहरा रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकलता है।

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