शिवपुरी। सोमवार से जून माह की शुरुआत हो रही है। आमतौर पर जून को तपती गर्मी और मानसून की दस्तक के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार यह महीना धार्मिक दृष्टि से भी बेहद खास रहने वाला है। पूरे माह में अनेक व्रत, पर्व, जयंती और शुभ तिथियां पड़ रही हैं, जिनके कारण मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष आयोजन देखने को मिलेंगे।
जून का सबसे बड़ा आकर्षण निर्जला एकादशी रहेगी, जिसे सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस एकादशी का व्रत करने से वर्षभर की सभी एकादशियों के व्रत के समान फल प्राप्त होता है। वहीं सुहागिन महिलाओं के लिए वट पूर्णिमा व्रत भी विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस व्रत से अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार में समृद्धि बनी रहती है।
पूरे माह रहेंगे धार्मिक आयोजनों की धूम
जून माह की शुरुआत के साथ ही धार्मिक आयोजनों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 3 जून को विभुवन संकष्टी, 4 जून को अधिक भानु सप्तमी, 8 जून को अधिक कालाष्टमी एवं मासिक कृष्ण जन्माष्टमी, 11 जून को परम एकादशी, 12 जून को प्रदोष व्रत और अधिक कृष्ण राम-लक्ष्मण द्वादशी मनाई जाएगी।
इसके बाद 13 जून को मासिक कार्तिगाई और मासिक शिवरात्रि, 14 जून को रोहिणी व्रत और अधिक दर्श अमावस्या, 15 जून को ज्येष्ठ अधिकमास अमावस्या तथा सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व रहेगा। 18 जून को प्रद्युम्न चतुर्थी, 19 जून को स्कन्द षष्ठी और 20 जून को जमाई षष्ठी मनाई जाएगी।
21 जून रहेगा साल का सबसे बड़ा दिन
खगोलीय दृष्टि से भी जून महत्वपूर्ण रहेगा। 21 जून को वर्ष का सबसे बड़ा दिन होगा। इसके बाद दिन धीरे-धीरे छोटे होने लगेंगे।
25 जून को निर्जला एकादशी
धर्माचार्यों के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी तिथि का प्रारंभ 24 जून की शाम 6:12 बजे होगा और इसका समापन 25 जून की रात 8:09 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून, गुरुवार को रखा जाएगा।
इस दिन श्रद्धालु बिना जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
29 जून को वट पूर्णिमा का व्रत
माह के अंत में 29 जून को वट पूर्णिमा व्रत मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 29 जून को दोपहर 3:07 बजे प्रारंभ होकर 30 जून की सुबह 5:27 बजे तक रहेगी। तिथि के अनुसार वट पूर्णिमा का व्रत 29 जून को ही रखा जाएगा। इस दिन विवाहित महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर अपने पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगी।
भक्ति और उत्साह का माहौल
धार्मिक जानकारों का कहना है कि जून माह में पड़ने वाले व्रत और पर्व श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करेंगे। मंदिरों में विशेष पूजन, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिलेभर में सभी पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाए जाएंगे, जिससे पूरे माह धार्मिक वातावरण बना रहेगा।

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