शिवपुरी। शिवपुरी जिले में राजनीति कितनी हावी है कि स्थानीय प्रशासन इनके सामने पंगु हो चुका है,अगर यह शिकायत नही होती तो विधायक प्रतिनिधि के इस नाला निगलने वाले कांड की जानकारी पब्लिक मे नही आती है,इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण करने वाले इन लोगों ने कई जगह पर अतिक्रमण किया है अब वह विधायक जी के नाम का दुरुपयोग कर रहे है। मामला अब शिकायत के रूप मे कलेक्टर अर्पित वर्मा के समक्ष मे पहुंच चुका है,अब देखना यह है कि नेताजी से नाला प्रशासन मुक्त करा पाता है या नहीं यह सवाल बड़ा है और पिछोर के बाचरौन चौराहे पर जवाब के लिए खड़ा है।
पिछोर कस्बे की नई बस्ती में शासकीय नाले पर अतिक्रमण और राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि आशीष चौधरी, पुत्र रमेश चौधरी, महेश चौधरी, बृजेश चौधरी, महेन्द्र चौधर, विनोद चौधरी पुत्रगण श्री विश्वनाथ चौधरी निवासी नई वस्ती पिछोर के द्वारा इस शासकीय नाले पर अतिक्रमण कर मकान एवं दुकान का निर्माण कर लिया हैं। जिसके कारण नाले का प्राकृतिक बहाव अवरुद्ध हो गया है और गंदा पानी उनकी भूमि में भर रहा है। इससे परिवार के सदस्यों और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
नई बस्ती निवासी शारदा शरण श्रीवास्तव और केशवानंद श्रीवास्तव ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि पुलिस थाना पिछोर क्षेत्र से निकलने वाला एक शासकीय नाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोड, पशु चिकित्सालय की पुलिया और चंदेरी रोड होते हुए कब्रिस्तान क्षेत्र तक पहुंचता है। यह नाला वर्षों से वर्षा और गंदे पानी की निकासी का प्रमुख माध्यम रहा है।
यह है इस नाले की शासकीय पहचान
यह कि नाला सर्वे नं. 484/1 मिन वर्तमान सर्वे नं. 691/2 रकबा 5 बिस्वा जो कि शा. पशु चिकित्सालय की पुलिया से चंदेरी रोड की पुलिया तक नाला पानी निकासी हेतु नियत है। जिस पर राजस्व अधिकारियों मिलीभगत से सर्वे नं. 691/2 रकबा 5 बिस्वा पर अतिक्रमण की नियत से वर्तमान रकवा रिकार्ड में नाला की सीमा को खुर्द बुर्द कर विलोपित कर दिया गया है। उस भूमि को अपनी भूमि सर्वे नं. 691 रकवा 17 बिस्वा में शामिल कर उस पर मकान दुकान का निर्माण कर लिया है जिससे शासकीय नाला बंद हो गया है, प्रार्थी की जमीन में गन्दा पानी भर रहा है ।
नाले की भूमि पर कब्जे का आरोप
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि नई बस्ती निवासी कुछ लोगों ने नाले की भूमि पर अतिक्रमण कर मकान और दुकानों का निर्माण कर लिया है। इसके कारण नाले का रास्ता संकरा हो गया है या कई स्थानों पर पूरी तरह बंद हो चुका है। परिणामस्वरूप पानी की निकासी रुक गई है और आसपास की निजी भूमि में जलभराव की स्थिति बन रही है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नाले का हिस्सा राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज था, लेकिन बाद में कथित रूप से उसकी सीमाओं में बदलाव कर उसे निजी भूमि में शामिल दिखाने का प्रयास किया गया। इससे नाले का वास्तविक अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है।
राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर का आरोप
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित सर्वे नंबरों में दर्ज नाले की भूमि को राजस्व रिकॉर्ड से विलोपित या परिवर्तित कर निजी भूमि में शामिल कर लिया गया। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यह सब कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनका कहना है कि यदि मौके पर सीमांकन कराया जाए तो नाले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और अतिक्रमण की तस्वीर सामने आ जाएगी।
राजनीतिक प्रभाव के चलते कार्रवाई नहीं होने का आरोप
श्रीवास्तव परिवार ने अपनी शिकायत के माध्यम से बताया कि आशीष चौधरी की पत्नी पिछोर नगर परिषद में पार्षद है,और आशीष चौधरी स्वय विधायक प्रतिनिधि है। इस कारण स्थानीय प्रशासन कार्यवाही नही कर रहा है। आवेदन में कहा गया है कि कई बार प्रयासों के बावजूद शासकीय भूमि और पशु चिकित्सालय परिसर से संबंधित क्षेत्र का सीमांकन नहीं हो सका। पीड़ित परिवार का कहना है कि राजनीतिक दबाव के कारण वे अपनी भूमि का उपयोग भी नहीं कर पा रहे हैं और लगातार परेशानी झेल रहे हैं।
उच्च न्यायालय जाने की चेतावनी
कलेक्टर को दिए आवेदन में शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित भूमि और नाले का तत्काल सीमांकन कराया जाए तथा शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई तो उन्हें न्याय के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।
प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर
यह मामला अब प्रशासन के संज्ञान में पहुंच गया है। यदि सीमांकन और जांच होती है तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि नाले की भूमि पर वास्तव में अतिक्रमण हुआ है या नहीं। फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है, क्योंकि यह मामला न केवल शासकीय भूमि बल्कि जल निकासी व्यवस्था और जनस्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है।

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