शिवपुरी। शिवपुरी की नगर पालिका में पिछले डेढ़ साल से शिवपुरी-भोपाल और दिल्ली की दौड़ मे उलझी हुई है। शिवपुरी नगर पालिका के पार्षद अपने नेतृत्व से सताए हुए है,नेतृत्व केवल आश्वासन की घुट्टी पिलाकर समय निकालना चाह रहा है,समय हाथ से फिसलता देख पार्षद अब फिर बजरंगबली की शरण मे लौटकर आ चुके है। पार्षद वीआईपी दरबार को छोड़कर तिरपाल पर बैठकर भक्त बन गए है,अब पीले तिरपाल पर बैठकर बगावती तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं।
आश्वासन की ओवरडोज और दिल्ली-भोपाल का टूर
कहानी शुरू हुई थी करेरा के सिद्ध स्थल बगीचा सरकार से, जहाँ कसमें खाई गई थीं। इसके बाद पार्षदों को लगा कि अब तो सीधे सिस्टम को हिला देंगे। उन्होंने बैग पैक किए और प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंच गए। वहां प्रदेश अध्यक्ष जी से मिले, जिन्होंने उन्हें आश्वासन की मीठी घुट्टी पिलाई। पार्षद गदगद होकर लौटे कि बस अब रिजल्ट आने ही वाला है। एक महीना बीता, लेकिन रिजल्ट का डिब्बा गोल रहा!
जब भोपाल की घुट्टी का असर खत्म हो गया, तो पार्षदों ने सीधे देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया। वहां उनकी मुलाकात केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से हुई। दिल्ली दरबार से भी वही जल्द ही आपकी मांग पूरी होगी वाला प्रीमियम आश्वासन मिला। लेकिन हाय रे राजनीति! दो हफ्ते बाद भी जब कोई एक्शन नहीं हुआ, तो पार्षदों को समझ आ गया कि कलियुग में नेताओं के वादे और फिल्मों में तारीख-पे-तारीख, दोनों एक ही बात हैं।
लौट के बुद्धू (पार्षद) माधव चौक आए
जब दिल्ली और भोपाल के 'इंसान रूपी देवताओं' ने केवल मीठी बातें कीं और काम कुछ नहीं किया, तो ठगे हुए पार्षदों ने अपनी 'आश्वासन डाइट' बंद कर दी। थके-हारे पार्षद लौट आए अपने सबसे पुराने और भरोसेमंद पते पर-भगवान की शरण में! मंगलवार शाम माधव चौक पर मंदिर के सामने एक तिरपाल बिछाई गई और शुरू हो गया सुंदरकांड का पाठ। भई, जब राजधानी वाले नेता न सुनें, तो ब्रह्मांड के नेता (ईश्वर) को ही तो याद किया जाएगा!
कुछ भक्त रास्ते में ही थक गए
हालांकि, इस दिलचस्प 'पॉलिटिकल-स्पिरिचुअल' जर्नी में एक ट्विस्ट भी है। पिछली दो बार कसम खाने और पाठ करने वाले कई चेहरे इस बार तिरपाल से गायब दिखे। लगता है या तो वो 'आश्वासन' से ही संतुष्ट हो गए या फिर राजनीति की इस भागदौड़ में थक कर घर बैठ गए।
फिर भी, भगवान के भरोसे डटे रहने वालों में ओम प्रकाश जैन ओमी, विजय शर्मा बिंदास, रितु डिंपल जैन, रीना कुलदीप शर्मा, राजा यादव, मोनिका सीटू सडैया, शशी आशीष शर्मा, रघुराज राजू गुर्जर, मक्खन आदिवासी, कमल किशन शाक्य, कृष्णा वीरू नागर, नीलम अनिल बघेल, सरोज महेंद्र धाकड़, प्रतिभा गोपी शर्मा, गौरव सिंघल, संजय गुप्ता पप्पू और मीना पंकज महाराज ने पूरी श्रद्धा से तिरपाल पर मोर्चा संभाले रखा। अब देखना यह है कि दिल्ली-भोपाल से नो-रिप्लाई मिलने के बाद, क्या भगवान इन पार्षदों की एप्लीकेशन को अप्रूव करते हैं या इन्हें फिर से किसी नए दरबार में अर्जी लगानी पड़ेगी।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।