पिछोर। एक 22 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद गुरुवार को पिछोर कस्बा रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए पिछोर थाने का घेराव कर दिया और सड़क पर चक्काजाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक चले इस उग्र प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद दोपहर में जाम खुला, लेकिन देर शाम मामला एक बार फिर गरमा गया जब परिजन शव को वाचरौन चौराहे पर रखकर धरने पर बैठ गए।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, ग्राम कालीपहाड़ी निवासी शिवानी जाटव (22), पत्नी दीपक जाटव को बुधवार शाम करीब 5 बजे बेहद गंभीर हालत में जिला अस्पताल शिवपुरी लाया गया था। ससुराल पक्ष का दावा था कि शिवानी ने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया है। हालांकि, डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
6 माह की गर्भवती थी बेटी, बेरहमी से पीटते थे–पिता का आरोप
मृतका के पिता रघुवीर जाटव (निवासी परिहारीपुरा) ने रोते हुए अपनी बेटी की आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि शिवानी की शादी तीन साल पहले भीतरगवा (कालीपहाड़ी) निवासी दीपक जाटव के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे और उसके साथ कई बार मारपीट की गई थी।
मेरी बेटी की दो साल की एक बच्ची है और वह खुद 6 महीने की गर्भवती थी। दो दिन पहले भी उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी तबीयत बिगड़ी और उसकी जान चली गई। यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है।
पिता ने एक और सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि पोस्टमार्टम के बाद जब शव को ले जाया जा रहा था, तब उनकी पत्नी (मृतका की मां) शव वाहन में बैठी थीं। लेकिन ससुराल पक्ष के लोग उन्हें जबरन गाड़ी से उतारकर शव को अपने साथ लेकर भाग गए।
थाने से लेकर चौराहे तक प्रदर्शन, देर रात तक तनाव
ससुराल पक्ष की इस हरकत और पुलिसिया कार्रवाई से असंतुष्ट मायके पक्ष के लोग गुरुवार दोपहर भारी संख्या में पिछोर थाने पहुंचे और घेराव कर दिया। उन्होंने तुरंत हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने सूझबूझ से काम लिया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाकर करीब 30 मिनट बाद जाम खुलवाया।
लेकिन, कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पुलिस की सुस्त कार्रवाई से नाराज परिजन देर शाम शव को लेकर पिछोर के मुख्य 'वाचरौन चौराहे' पर पहुंच गए और वहां शव रखकर दोबारा जाम लगा दिया। परिजन इस बात पर अड़े रहे कि जब तक आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होता, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। देर रात तक परिजन शव के साथ चौराहे पर डटे रहे, जिससे इलाके में भारी तनाव बना रहा।
जिम्मेदार का कथन
शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मायके पक्ष ने जो भी आरोप लगाए हैं, उन्हें जांच में शामिल किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM Report) और गवाहों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नीतू सिंह, थाना प्रभारी, पिछोर

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