शिवपुरी, खाने में कीड़े, टायलेट के लिए लाईन, वही कलेक्टर से शिकायत करना पड़ा भारी

vikas
0
shivpuri-samachar

शिवपुरी।
शहर के टीवी टावर रोड स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की छात्राओं को अपनी समस्याओं की शिकायत करना भारी पड़ गया है। छात्राओं का आरोप है कि उन्होंने छात्रावास की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत की थी, लेकिन समस्याओं का समाधान होने के बजाय अब उन्हें धमकियों और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसी से परेशान होकर छात्राएं गुरुवार को एक बार फिर कलेक्ट्रेट पहुंचीं और कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

छात्राओं का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि शिकायत के बाद हॉस्टल की व्यवस्थाओं में सुधार होगा, लेकिन अब शिकायत करने वाली छात्राओं को ही निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार छात्रावास अधीक्षिका शिकायतकर्ताओं के नाम काटने और हॉस्टल से बाहर निकलने की चेतावनी दे रही हैं।

जनसुनवाई में खोली थी छात्रावास की बदहाली
बताया जा रहा है कि मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में छात्राओं ने छात्रावास की कई गंभीर समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा था। छात्राओं ने शिकायत की थी कि हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है और कई बार खाने में कीड़े तक निकल आते हैं। इसके अलावा दूसरी मंजिल पर रहने वाली करीब 50 छात्राओं के लिए केवल एक शौचालय होने की समस्या भी सामने रखी गई थी। छात्राओं का कहना है कि इससे उन्हें रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

गंदा पानी, खराब पंखे और अधीक्षिका की अनुपस्थिति भी बनी समस्या
छात्राओं ने अपने आवेदन में बताया कि हॉस्टल में नहाने की समुचित व्यवस्था नहीं है। पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं होती, जिसके कारण गंदे पानी की आपूर्ति होती है। कई कमरों में पंखे खराब पड़े हैं, जबकि भीषण गर्मी के बावजूद पर्याप्त कूलरों की व्यवस्था नहीं है। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रावास अधीक्षिका अक्सर अनुपस्थित रहती हैं, जिससे छोटी-छोटी समस्याओं का भी समाधान नहीं हो पाता।

जांच हुई, लेकिन समाधान नहीं मिला
छात्राओं के अनुसार शिकायत के बाद बुधवार को एक तहसीलदार जांच के लिए छात्रावास पहुंचीं। उन्होंने छात्राओं से बातचीत की और हॉस्टल का निरीक्षण भी किया। लेकिन छात्राओं का कहना है कि करीब 10 से 15 मिनट तक निरीक्षण करने के बाद अधिकारी बिना किसी ठोस निर्णय या कार्रवाई के लौट गईं। छात्राओं का आरोप है कि उनकी समस्याओं को सुना तो गया, लेकिन मौके पर कोई राहत नहीं मिली।

अधीक्षिका पर लगाए धमकी देने के आरोप
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब छात्राओं ने आरोप लगाया कि जांच के बाद अधीक्षिका ने शिकायत करने पर नाराजगी जताई। छात्राओं के मुताबिक उन्हें कहा गया कि जिन्होंने शिकायत की है, उनके नाम छात्रावास से काट दिए जाएंगे। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें हॉस्टल से बाहर निकालने की धमकियां दी जा रही हैं और लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा है, ताकि वे अपनी शिकायत वापस ले लें।

कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
इन्हीं आरोपों और बढ़ती परेशानियों के चलते छात्राएं गुरुवार को दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने कलेक्टर के नाम सौंपे गए आवेदन में मांग की है कि छात्रावास की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए, भोजन, पानी, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार कराया जाए। साथ ही छात्राओं ने यह भी मांग की है कि शिकायत करने वाली छात्राओं को प्रताड़ित करने और धमकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी छात्रा अपनी समस्या बताने से डर महसूस न करे।

फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है कि छात्राओं की शिकायतों का समाधान होता है या उनकी परेशानियां और बढ़ती हैं।

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!