शिवपुरी। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने समस्त एसडीएम को फार्मर रजिस्ट्री के कैंप आयोजित कर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए हैं। निर्देशानुसार जिले के सभी अनुविभागों में ग्राम पंचायतों में कैंप लगाए जा रहे हैं और पटवारी ग्रामीणों से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री कर रहे हैं।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने समस्त एसडीएम और तहसीलदार को कैंप की निगरानी के निर्देश दिए हैं जिससे इस अभियान के तहत शत प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जा सके। समस्त किसान भाई भी इन कैंप का लाभ लें जिनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है वह कैंप में जाकर अपने क्षेत्र के पटवारी से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री करा लें।
सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों को डिजिटल पहचान से जोड़ने के लिए फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने हेतु फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
इस अभियान में राजस्व विभाग, कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। ग्राम सचिव, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किसानों को जागरूक कर कैंप तक लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अधिक से अधिक किसान इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की एग्रीस्टेक परियोजना अंतर्गत प्रदेश में किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री की शुरुआत की गई हैं। इसमें प्रत्येक किसान के लिए एक यूनिक फार्मर आईडी बनायी जा रही है। फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों का एक डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। जिससे किसानों को कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया से आसान ऋण प्राप्त करने के साथ विभिन्न योजनाओं के लिए भूमि, फसल और कृषकों की जानकारी का सत्यापन इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जा सकेगा।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।