शिवपुरी। शहर में गहराते पेयजल संकट के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश प्रवक्ता धैर्यवर्धन शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। करीब चार मिनट के इस वीडियो में वह नगर पालिका शिवपुरी के एई सचिन चौहान से फोन पर पानी संकट को लेकर तीखी बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद जहां आमजन में पानी की समस्या को लेकर चर्चा तेज हो गई है, वहीं राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी नगर पालिका चुनाव की रणनीति और संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
दरअसल, वर्तमान समय में मड़ीखेड़ा इंटकवेल की तीन मोटरों में से दो मोटर खराब होने के कारण शहर की जलापूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। लगभग ढाई लाख की आबादी वाले शिवपुरी शहर में पेयजल संकट विकराल रूप लेता जा रहा है। नगर पालिका टैंकरों और ट्यूबवेल के माध्यम से हालात संभालने का प्रयास कर रही है, लेकिन लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। कई क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार जैसी स्थिति बन गई है।
जनता गालियां दे रही है, बोले धैर्यवर्धन
वायरल वीडियो में धैर्यवर्धन शर्मा एई सचिन चौहान से कहते सुनाई दे रहे हैं कि रात 10:15 बजे उन्हें जनता के लगातार फोन आ रहे हैं और लोग पानी नहीं मिलने से बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि आखिर शिवपुरी में ही बार-बार मोटर खराब क्यों होती हैं, जबकि अन्य नगरीय निकायों में ऐसी स्थिति नहीं बनती।
भाजपा नेता ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि पानी की समस्या के कारण राजनीतिक लोगों को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि अतिरिक्त मोटर की व्यवस्था पहले से क्यों नहीं रखी गई, ताकि खराबी आने पर वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत शुरू की जा सके।
जानबूझकर मोटर खराब करने की चर्चा भी उठी
वीडियो में धैर्यवर्धन शर्मा यह कहते भी सुनाई दे रहे हैं कि कुछ लोग यह चर्चा कर रहे हैं कि सप्लाई से जुड़े ठेकेदारों को समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण मोटरें जानबूझकर खराब की जाती हैं। हालांकि इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस बयान के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो जनता का आक्रोश बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा पर भी असर डाल सकता है। शर्मा ने कहा कि अधिकारियों को कलेक्टर और विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों तक पूरी स्थिति पहुंचानी चाहिए।
शिवपुरी में प्लास्टिक की कट्टियां ही दिख रही हैं
बातचीत के दौरान धैर्यवर्धन शर्मा ने शहर में पानी भरने के लिए लगी प्लास्टिक की कट्टियों और डिब्बों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी तस्वीरें पूरे देश में कहीं नहीं दिखतीं, लेकिन शिवपुरी में आम हो गई हैं। उन्होंने एई से कहा कि वे “सीने पर हाथ रखकर” सोचें और नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए जल्द से जल्द पानी की व्यवस्था करवाएं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
इस वीडियो के वायरल होने के बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सिर्फ पानी संकट तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी नगर पालिका चुनाव की आहट भी माना जा रहा है। रोटेशन प्रणाली के तहत इस बार नगर पालिका अध्यक्ष पद अनारक्षित होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे सामान्य वर्ग के पुरुष नेताओं की दावेदारी मजबूत हो सकती है।
धैर्यवर्धन शर्मा पहले भी विधानसभा टिकट के लिए अपनी दावेदारी खुलकर पेश कर चुके हैं। ऐसे में इस वीडियो को उनकी राजनीतिक सक्रियता और जनहित के मुद्दों पर मुखरता के रूप में भी देखा जा रहा है।
क्या यह डैमेज कंट्रोल या अंदरूनी नाराजगी ?
शहर में यह चर्चा भी है कि भाजपा संगठन नगर पालिका की वर्तमान कार्यप्रणाली से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। कुछ लोगों का मानना है कि जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए यह “डैमेज कंट्रोल” का प्रयास हो सकता है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे भाजपा के अंदर की नाराजगी और धैर्यवर्धन शर्मा की व्यक्तिगत असंतुष्टि के रूप में भी देख रहे हैं।फिलहाल, पानी संकट और वायरल वीडियो दोनों ने शहर की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।

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