शिवपुरी। भीषण गर्मी और लगातार खराब हो रही मोटरों के कारण शहर में गहराए जल संकट के बीच नगर पालिका ने अब टैंकर मॉडल के जरिए शहर की प्यास बुझाने की तैयारी शुरू कर दी है। ग्वालियर से 10 बड़े पानी के टैंकर शुक्रवार को शिवपुरी पहुंचेंगे, जिनकी मदद से शहर के अलग-अलग संपवेलों तक पानी पहुंचाया जाएगा। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि इससे घर-घर जल सप्लाई व्यवस्था में काफी हद तक सुधार आएगा।
नगर पालिका द्वारा मंगाए गए टैंकरों में 8 टैंकर 24 हजार लीटर क्षमता वाले हैं, जबकि 2 टैंकर 12 हजार लीटर पानी ले जाने में सक्षम हैं। ये टैंकर शहर के 13 से अधिक हाइडेंटों से पानी भरेंगे और फिर 9 संपवेलों तक पानी पहुंचाकर जलापूर्ति व्यवस्था को संभालेंगे।
एक मोटर पर टिका पूरा शहर
शिवपुरी शहर की प्रतिदिन लगभग 40 लाख लीटर पानी की जरूरत है, लेकिन इस समय मडीखेड़ा इंटेकवेल और सतनवाड़ा फिल्टर प्लांट पर लगी तीन-तीन मोटरों में से केवल एक-एक मोटर ही काम कर रही है। ऐसे में शहर को उसकी जरूरत का आधा पानी भी मुश्किल से मिल पा रहा है।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई कॉलोनियों में लोगों को समय पर पानी नहीं मिल रहा। कहीं सप्लाई का दबाव कम है तो कहीं कई दिनों बाद पानी पहुंच रहा है। नगर पालिका के सामने सबसे बड़ी चुनौती गर्मी के इस दौर में शहर की दैनिक खपत को पूरा करना बन गई है।
हर दिन 4 चक्कर लगाएंगे टैंकर
नगर पालिका की योजना के अनुसार प्रत्येक बड़ा टैंकर प्रतिदिन 4 चक्कर लगाएगा। इस हिसाब से सभी 10 टैंकर मिलकर रोज करीब 2 लाख 16 हजार लीटर अतिरिक्त पानी शहर को उपलब्ध कराएंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे सप्लाई व्यवस्था को कुछ हद तक स्थिर किया जा सकेगा। हालांकि यह मात्रा शहर की कुल जरूरत के मुकाबले अभी भी काफी कम है, लेकिन नगर पालिका इसे संकट के समय राहत देने वाला कदम मान रही है।
474 बोरवेल भी दे रहे सहारा
शहर में नगर पालिका के कुल 474 बोरवेल हैं, जिनमें से करीब 100 बंद पड़े हैं। बाकी बोरवेल कम-ज्यादा मात्रा में पानी दे रहे हैं। इन बोरवेलों और छोटे टैंकरों के सहारे पिछले कई दिनों से जलापूर्ति किसी तरह जारी रखी गई है। नगर पालिका पहले से ही 23 छोटे टैंकरों को पिछले 25 दिनों से शहर में पेयजल सप्लाई के लिए चला रही है। अब बड़े टैंकर जुड़ने से वितरण व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
13 हाइडेंटों से भरे जाएंगे टैंकर
बड़े टैंकरों को तेजी से भरने के लिए नगर पालिका ने शहर में 13 से अधिक हाइडेंट तैयार किए हैं। इनमें ग्वालियर बायपास स्थित मडीखेड़ा हाइडेंट, मुक्तिधाम, भदैया कुंड, राव की बगिया, करौंदी सहित कई स्थान शामिल हैं। कुछ नए हाइडेंट भी विशेष रूप से इन बड़े टैंकरों के लिए तैयार किए गए हैं।
बताया जा रहा है कि इन टैंकरों को 24 घंटे संचालन में रखने की योजना बनाई गई है, ताकि पानी की सप्लाई बाधित न हो। प्रत्येक टैंकर का किराया प्रति चक्कर लगभग 800 से 900 रुपए बताया गया है।
जुलाई तक आएंगी नई मोटरें
नगर पालिका प्रशासन के अनुसार मडीखेड़ा इंटेकवेल और सतनवाड़ा फिल्टर प्लांट के लिए कुल 6 नई मोटरें तैयार कराई जा रही हैं। इन मोटरों का डिजाइन स्वीकृत होकर संबंधित कंपनी को भेजा जा चुका है और फिलहाल निर्माण कार्य जारी है।
करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से बन रही ये मोटरें 15 से 20 जुलाई के बीच शिवपुरी पहुंच सकती हैं। प्रशासन का दावा है कि नई मोटरें लगने के बाद अगले 15 वर्षों तक बार-बार मोटर खराब होने जैसी समस्या से राहत मिल जाएगी।
सीएमओ बोले- संकट से निपटने का प्रयास
नगर पालिका सीएमओ इंशाक धाकड़ ने बताया कि वर्तमान में केवल एक मोटर के भरोसे शहर में पानी की सप्लाई हो रही है, जो पर्याप्त नहीं है। इसी कारण एक माह के लिए ग्वालियर से बड़े टैंकर किराए पर मंगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि नई मोटरें जुलाई के अंत तक आ जाएंगी, जिसके बाद जलावर्धन योजना पूरी क्षमता से बिना बाधा संचालित हो सकेगी।

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