फरहान काजी @ रन्नौद। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख बढ़ने के बाद रन्नौद कृषि मंडी समिति में किसानों की आवाजाही लगातार जारी है, लेकिन खरीदी केंद्र पर व्यवस्थाओं की हालत बेहद खराब नजर आ रही है। किसानों का आरोप है कि हर साल की तरह इस बार भी खरीदी केंद्र पर अव्यवस्था और मनमानी का खेल चल रहा है।
शिवपुरी समाचार की पड़ताल में सामने आया कि खरीदी केंद्र पर हजारों कुंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे रखा हुआ मिला। तेज धूप और मौसम बदलने की स्थिति में लाखों रुपए का अनाज खराब होने की कगार पर दिखाई दिया। जब इस संबंध में खरीदी केंद्र पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल किए गए तो कई जिम्मेदार चुप्पी साधते नजर आए और कुछ जवाब देने से बचते हुए वहां से निकल गए।
हर साल लगते हैं शोषण के आरोप
जानकारी के अनुसार कृषि मंडी समिति रन्नौद में शासन के निर्देश पर हर वर्ष समर्थन मूल्य पर हजारों कुंटल गेहूं खरीदा जाता है। लेकिन किसानों का कहना है कि हर साल खरीदी प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती हैं।
किसानों ने आरोप लगाया कि गेहूं में नमी बताकर उनसे 800 से 900 ग्राम तक अतिरिक्त गेहूं लिया जाता है। किसानों का कहना है कि यह सिलसिला वर्षों से जारी है, लेकिन आज तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई।
धूप में खड़े होकर तौल कराने को मजबूर किसान
खरीदी केंद्र पर किसानों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रहीं। किसानों ने बताया कि वारदाना समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया, वहीं पीने के स्वच्छ पानी तक की उचित व्यवस्था नहीं थी। कई किसानों को घंटों धूप में खड़े रहकर अपनी फसल की तौल कराने का इंतजार करना पड़ा।
किसानों का कहना है कि यदि समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारी खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करते तो हालात इतने खराब नहीं होते। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खुले में पड़ा लाखों का अनाज
खरीदी केंद्र पर बड़ी मात्रा में गेहूं खुले में रखा मिला। मौसम खराब होने या बारिश आने की स्थिति में हजारों कुंटल गेहूं खराब होने की आशंका बनी हुई है। किसानों ने सवाल उठाया कि जब शासन किसानों की उपज सुरक्षित रखने के लिए करोड़ों रुपए खर्च करता है तो फिर खरीदी केंद्रों पर ऐसी लापरवाही क्यों हो रही है।
स्लॉट बुक होने के बाद भी नहीं हुई तौल
मामले में एक और बड़ी समस्या सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब 25 से 30 किसानों के स्लॉट बुक होने के बावजूद तय तारीख पर उनका गेहूं नहीं खरीदा जा सका। अब खरीदी की अंतिम तिथि 28 मई तय होने के बाद किसान असमंजस में हैं कि उनका गेहूं खरीदा जाएगा या नहीं।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो कई किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है और किसानों को राहत मिल पाती है या नहीं।

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