बैंक का लोन वापस ने करने वाली गीता रावत को सश्रम कारावास

शिवपुरी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अभिषेक सक्सेना ने अपने एक अहम फैसले में  मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा कमलागंज से ऋण प्राप्त करने वाले अभियुक्त को धारा 138  के अंतर्गत दोषीसिद्ध करते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास और प्रक्रिया संहिता की धारा 357 (3) के अंतर्गत चैक राशि कुल राशि 30.000 रूपए प्रतिकर अधिरोपित कर दंडित किया गया है। प्रतिकर की राशि अदा न करने पर अभियुक्त को 6 माह का सश्रम कारावास प्रथक से भुगताना होगा। उक्त मामले की पैरवी परिवादी की ओर से जे.पी. शर्मा अधिवक्ता द्वारा की गई। 

अभियोजन के अनुसार 4.4.2017 को अभियुक्त श्रीमती गीता रावत ने मध्यांचल ग्रामीण बैंक की कमलागंज शाखा से जीसीसी हेतु ऋण प्राप्त किया था। उक्त ऋण अदायगी के लिए श्रीमती गीता रावत द्वारा स्वयं के खाता क्रमांक 80006290469 का चैक क्रमांक 037101 राशि 25841 रूपए भरकर दिनांक 27.2.2017 को परिवादी बैंक के शाखा प्रबंधक को दिया था, लेकिन इस खाते में राशि न होने के कारण अनादरित हो गया।

जिसकी सूचना डाक द्वारा अभियुक्त को दी गई, लेकिन इसके बाद भी श्रीमती गीता रावत द्वारा चैक धन राशि बैंक को अदा नहीं की गई। जिस पर परिवादी उक्त प्रकरण न्यायालय में भेजा जिस पर से विद्वान न्यायाधीश द्वारा पक्ष विपक्ष की बहस सुनने के बाद आरोपी को उक्त सजा से दण्डित किया है। 

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