पंचायत सचिव ने कागजों में कर दिया शौचालयों का निर्माण,शिकायत की तो धमकाया

Updesh Awasthee
पोहरी। जिले के पोहरी जनपद पंचायत क्षेत्र में इन दिनों ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव एवं सहायक सचिवों के द्वारा षौचालय निर्माण के नाम पर भारी घोटाला किया जा रहा है, भेलेभाले आदिवासियों के नाम पर शौचालय निर्माण की राशि क्यिोस्क बैंक के माध्यम से आहरित की जा रही है। जानकारी के अनुसार पोहरी जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत दौरानी में सहायक सचिव एवं वर्तमान सरपंच द्वारा फर्जीवाडा कर गरीब आदिवासियों के नाम से शौचालय का निर्माण दिखा कर उनके खातों से फर्जी तरीके से क्योस्क के माध्यम से पैसा भी आहरित करा लिया। 

संतोष आदिवासी, बाईसराम आदिवासी एवं जोखा आदिवासी ने शपथपत्र के साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पोहरी को 9 जून 2017 को एक शिकायती पत्र देकर सहायक सचिव के खिलाफ ठोस कार्यवाही करने की थी परंतु जॉंच के नाम पर महज खानापूर्ति की गई, गरीब आदिवासियों पर दबाब बनाकर जॉंचकर्ता अधिकारी सत्यपाल जाट एवं सहायक सचिव वीरसिंह अर्गल एवं उसकी माता सावित्री बाई जो वर्तमान सरपंच भी है ने बयान अपने पक्ष में करा लिए। 

जबकि दस्तावेजों में यह पूर्णरूप से साबित हो गया है कि सत्यापन के समय शौचालय के सामने खडा करके जिस व्यक्ति का फोटो खींचा गया वह वास्तविक हितग्राही नहीं हैं। संतोष आदिवासी ने बताया कि वह तीन साल से ग्राम पंचायत दौरानी में निवास ही नहीं कर रहा है और उसके नाम से शौचालय के पैसा निकाल लिया गया।

एक ही पंचायत में मॉ सरपंच और बेटा सहायक सचिव 
मप्र ग्राम स्वराज एवं पंचायत अधिनियम 1993 की धारा 69 के अनुसार पंचायत में पदस्थ सचिव या सहायक सचिव उसी पंचायत में पदस्थ नहीं रह सकता जिसमें उसके परिवार का कोई भी सदस्य अथवा खून के रिष्ते वाला परिवारजन सरपंच या उपसरपंच या पंच के पद पर निर्वाचित हुआ है, परंतु ग्राम पंचायत दौरानी में सावित्री बाई पत्नि पप्पू अर्गल सरपंच है एवं उनका पुत्र वीरसिंह अर्गल सहायक सचिव के पद पर पदस्थ है। जबकि नियमानुसार उसे दौरानी पंचायत में पदस्थ नहीं किया जा सकता।

इनका कहना है-
मै इस पूरे मामले को दिखवाता हूं तथा अभी तक क्या जॉंच हुई पता करता हूं। यदि शौचालय निर्माण में कोई भी लापरवाही की गई है तो जॉंच के बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।
अंकित अस्थाना, एसडीएम पोहरी

हमने मामले की जॉच सत्यपाल जाट बीसीए पोहरी से कराई जिसमें शिकायतकर्ता ने स्वयं ही पैसा निकालने की बात कही है और यदि उन पर किसी ने कोई दबाब डालकर कथन लिए है तो संबंधित उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकता है।
अशोक शर्मा, सीईओ जनपद पंचायत पोहरी

पंचायत अधिनियम के अनुसार एक ही पंचायत में सहायक सचिव को रहने का अधिकार नहीं है, यदि ऐसा है कहीं पर तो यह गलत है।
एनके शर्मा, एपीओ मनरेगा पोहरी
Tags

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!