शिवपुरी। संगठन ही शकित है और इस प्रदेश के विकास की बागडोर में संगठित मप्र संविदा कर्मचारी-अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान है यदि प्रदेश सरकार ने संविदाकर्मियों की मांगों को नहीं माना तो इसके भयावह परिणाम सामने आऐंगे।
हमने कभी अपने कर्तव्यों और उसूलों से समझौता नहीं किया यही कारण है कि आज भी प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने वाले वेतन से ही अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे है बाबजूद इसके यदि हमारी मांगें प्रदेश सरकार नहीं मानेगी तो हम लामबंद्ध होकर आन्दोलन व प्रदर्शन करने को बाध्य होंगें।
संगठन शक्ति की इस परिभाषा को मंच से परिभाषित किया मप्र कर्मचारी-अधिकारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश राठौर ने जो गत दिवस कोलारस में आयोजित महासंघ के जनपद स्तरीय सम्मेलन कार्यक्रम को अध्यक्षता की आसंदी से संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान महासंघ के जिलाध्यक्ष उमेश शर्मा ने भी संगठन शक्ति को अपने ओजस्वी वक्तव्य से परिपूर्ण बताया और संगठन की समस्याओं व मांगों को लेकर प्रदेश स्तर पर इनके निराकरण की बात कही।
म.प्र. संविदा कर्मचारी-अधिकारी महासंघ का जनपद स्तरीय स मेलन गत दिवस कोलारस में संपनन हुआ। स मेलन महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश राठौर की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। प्रदेशाध्यक्ष द्वारा इस दौरान समस्त विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारी एवं अधिकारियों की समस्याओं को बारीकी से सुना एवं प्रदेश स्तर पर इन समस्याओं के निराकरण का आश्वास संगठन को दिया।
राज्य शासन द्वारा 10 प्रतिशत जो मानदेय बढ़ाया गया है उसमें विसंगति है उनका भी निराकरण प्रदेश स्तर से करवाने का भरोसा दिया। इसके अलावा स मेलन में 500 संविदाकर्मीयों ने भाग लिया। जिसमें जिलाध्यक्ष उमेश शर्मा सहित समस्त जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी व सदस्यगण उपस्थित रहे।

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