शिवपुरी। मंगलवार हुई जन सुनवाई में सन 84 से मुआवजे से लिए भटक रहे एक वृद्व ने आवेदन दिया। आवेदन देते समय उसने सरकारी लचर कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। शिकायत कर्ता ने कहा की सरकार मुआवजा उसे देती है जिस पर संकट के पहाड टूटे है।
इस मुआवजे के आवेदन ने एक वृद्व ने कहा कि साहब ! 1984 के सिख विरोधी दंगे में मेरी दुकान व घर सबकुछ तबाह हो गया था, लेकिन स्वीकृति के बावजूद आज तक मुआवजे के 1 लाख 20 हजार रुपए नहीं मिले हैं।
यह मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष शिवपुरी के मंगल कॉलोनी में रहने वाले सुरेन्द्रसिंह पुत्र प्रेमसिंह ने लगाई कलेक्टर को सौंपे आवेदन में सुरेन्द्रसिंह ने बताया कि 9 फरवरी 2015 को तहसील शिवपुरी द्वारा 1 लाख 20 हजार रुपए मुआवजा राशि की अनुशंसा का प्रस्ताव एसडीएम कार्यालय शिवपुरी भेजा।
एसडीएम कार्यालय से 4 अप्रैल 2015 को अनुशंसा सहित प्रस्ताव कलेक्टर कार्यालय भेजा गया, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई जिससे पीडित को राहत मिल सके सुरेन्द्रसिंह का कहना था कि इस घटना को 32 साल हो चुके हैं और आज तक क्षतिपूर्ति मुआवजा न मिल पाना प्रशासनिक संवेदनहीनता को बयां करता है।

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