शिवपुरी। सूरजदेवी गौड पत्नी स्व: शिवशंकर गौड़ ने मंगलवार को एसपी मोह मद यूसुफ कुर्रेशी से मिलकर कहा है कि उनके पति की मौत के बाद कुछ भू-माफियाओं ने उनके नाम का प्लॉट रजिस्ट्री आफिस के कुछ लोगों के साथ मिलकर बेच दिया।
खास बात यह है कि इस प्लॉट की रजिस्ट्री ही दो बार हो चुकी है और बीते 3 सालों में दो अलग-अलग महिलाओं को सूरजदेवी बना कर इसे बेचा गया है। इस कारनामे ने कम से कम इस बात को तो साबित कर ही दिया है कि सरकारी सिस्टम में नोटों के वजन ने सभी की आंखों पर काली पट्टी बांध दी है।
सूरजदेवी ने पुलिस से की शिकायत में बताया है कि प्लॉट सर्वे क्रमांक 180.मिन रकवा0.014 हेक्टेयर के भाग का प्लॉट नबंर 11 1500 स्क्वायर फ ीट को उनके पति ने वर्ष 1986 में क्रय किया था। उसका नामांतरण उनके पति की मौत के होने के बाद उनके नाम पर हो गया था।
जिसका नामांतरण नंबर 167.13.14.अ.6 आदेश क्रमांक 31.12.2013 है। हाल ही में उन्हें जब किसी काम के लिए प्लॉट की नकल की जरुरत पडी तो उन्होंने उसकी नकल निकलवाई तो प्लॉट का आधा हिस्सा प्रीति उर्फ प्रभा उचारिया पत्नि शंकर उचारिया के नाम पर निकला। इसके बाद जब नक्शा देखा तो पता चला कि इसका आधा भाग करन सिंह ओझा को पहले ही बिक चुका है।
मैं हूं असली सूरजदेवी
साहबए जिस औरत को प्लॉट का मालिक बता कर उसे विक्रय किया गया है। वह असली सूरज देवी नहीं हैं। दोनों ही मामलों में किसी फर्जी महिला का फोटो चस्पा कर उसे सूरजदेवी बना रजिस्ट्री करा दी गई। जबकि असली सूरजदेवी मैं हूं।
सौंप दी है जांच
मामले में जांच सौंप दी गई है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
मोह मद यूसुफ कुर्रेशी, एसपी शिवपुरी

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