शिवपुरी करई कैरउ में आज एक आदिवासी की एक बड़ी बैठक सहरिया क्रांति के बैनर तले हुई जिसमें ग्रामीण आदिवासियों ने क्षेत्र में सूखे के चलते रोजगार मूलक कार्यों की माँग की है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सूखे के चलते उनकी फसलें चौपट हो गईं हैं ग्राम में सूखा राहत के जल्द से जल्द स्वीकृत कर प्रारंभ करायें जायें। जनउपयोगी निर्माण कार्यों को भी मशीनों के माध्यम से न कराया जाकर मैनुअली कराया जाए ताकि स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार सृजित हो।
बताया जाता है कि क्षेत्र में बड़ी मशीनों उतारकर फोरलेन के निर्माण हेतु मुरम के खनन की अनुमति दी गई है और यहाँ एक तालाब बनाया जा रहा है जो कि विशुद्घ रूप से मशीनों से खुदवाया जाकर इसकी मुरम का उपयोग फोरलेन में किया जा रहा है और फोरलेन के काम में लगी एजेेंसी अपनी ही मशीनें उतारकर यह खनन कर रही हैं। जिन आदिवासियों के दशकों पुराने कब्जे हैं उन्हें हटाकर उस भूमि पर तालाब का निर्माण किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तालाब की खुदाई स्थानीय नागरिकों से कराई जाकर उन्हें रोजगार मुहैया कराया जाए। कई लोगों के खेत इस भारी भरकम मशीनरी के आवागमन से तबाह होने की स्थिति निर्मित हो गई है मगर प्रशासन असुनवाई पर आमादा है।


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