शिवपुरी। ईश्वर की कृ़पा होती है, जब हम किसी जरुरत मंदों का काम करते है। हमें नि:स्वार्थ भाव से काम करना चाहिए, क्योंकि किसी भी व्यक्ति नहीं उसके काम की कद्र होती है। शिक्षक सबसे अच्छी सेवा देता है।वह इंसान का चरित्र निर्माण करता है।
उक्त बात एसडीएम नीतू माथुर ने मप्र राज्य कर्मचारी संघ के स्थापना दिवस के मौके पर बतौर मु य आतिथ्य रूप से कहीं ।
कार्यक्रम में मु य वक्ता पुरुषोत्तम गौतम, अध्यक्षता बीएमएस के विभाग प्रमुख पूरनलाल बाथम, विशिष्ट अतिथि प्राचार्य डॉ लखनलाल खरे, रमेश शिवहरे थे। प्रारंभ में आमंत्रित अतिथियों ने भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर माल्र्यापण कर दीप प्रज्जवलित किया। तत्पश्चात संघ के सचिव दिलीप शर्मा ने गीत सुनाया।
कार्यक्रम का संचालन मुकेश आचार्य ने किया व आभार व्यक्त संघ के जिलाध्यक्ष अजमेर सिंह यादव ने किया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ लखनलाल खरे ने कहा कि आज ही के दिन 1968 में मप्र राज्य कर्मचारी संघ की स्थापना हुई। इससे पूर्व जो संगठन कार्य कर रहे थे, उनकी दृष्टि देशहित में नहीं थी। इस गिरती हुई अवस्था को राष्ट्रवादी सदस्यों ने देखा औरी ऐसे महापुरुषों ने राष्ट्रहित सोच पर विश्वास रखने वाले इस संगठन को जन्म दिया।
इसके बाई भी कई संगठन आए और पानी के बुलबुलों की तरह उठे और फिर वहीं फूटकर नष्ट हो गए। मु य वक्ता पुरुषोत्तम गौतम ने कहा कि राज्य कर्मचारी संगठन का आधार सनातन है।जब 1962 मेें भारत-चीन युद्ध हुआ उस समय फासिस्ट संगठन काम करते थे इसके बाद दंतोपंत ठेंगड़ी ने इसकी स्थापना की।
यह संगठन राष्ट्रवादी विचारधारा पर आधारित हैं। यही बजह है कि इसका विस्तार प्रगतिशील हो गया हैं और अब यह वट वृक्ष बन गया हैं। इस मौके पर बड़ी सं या में बीएमएस सहित अन्य संगठनों के कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद थे।


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