शिवपुरी। ओलावृष्टि के संकट से निबटने के बाद किसानो के लिए एक ओर बुरी खबर आ रही है कि 12 प्रतिशत से ज्यादा नमी वाला गेंहू नही खदीदा जाऐगा,दाना भी काला नही होना चाहिए एंव सिकुडे और टूटे दाना 6 प्रतिशत से ज्यादा नही होना चाहिए।
बताया जा रहा है कि अन्नदात्ता की इस संकट की घडी में सरकार ने सिर्फ वादे ही वादे बरसाए है। जानकारी मिल रही है ओलावृष्टि और बैमोसम बरसात की मार जो गेंहू अन्नदात्ता के पास बच गया है वह एफएक्यू के नियमानुसार निर्धारित मापदंडो के अनुसार क्वालिटी का नही बचा है,जो गेंहू इस मौसम के संकट से बच कर आया है उसमें नमी है,गेहूं टूटा भी है और दाने भी काले पढ गए है।
जिले में 63 उपार्जन केन्द्रो पर गेंहू की खरिदी होगी और गेंहू बेचने के लिए 51 हजार 437 किसानो का पंजीयन हुआ है। इन सभी केन्द्रो पर फेयर एवरेज क्वालिटी के तहत ही गेंहू खरीदने के आदेश आए है। बताया गया है। इन निर्देशों में 12 प्रतिशत से ज्यादा नमी अगर किसान के गेहूं में मिलती है तो माल नहीं खरीदा जाएगा।
खराब दाना और काला दाना भी दो प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए। सिकुड़े टूटे दाने का प्रतिशत 6 प्रतिशत से ज्यादा न हो। गेहूं में बाहरी पदार्थ यानि मिट्टी, कुसी, जौकरा का प्रतिशत 0.75 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से यह संभावनाएं जताई जा रहीं थीं कि प्रदेश और केन्द्र सरकार फेयर एवरेज क्वालिटी में कोई समझौता कर सकती है लेकिन अभी तक कोई आदेश नहीं आए हैं। गेंहू एफएक्यू के निर्धारित मापदंड वाला ही गेहूं खरिदा जाऐगा अगर ऐसा होता है जो किसानो को एक ओर सकंट का समना करना पड सकता है।


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