प्रदेश भर को विकास के लिए बजट और कर्मचारियों को वेतन बांटने वाले वित्त विभाग के संयुक्त संचालक का सरकारी बंगला अंतत: आज सील कर ही दिया गया। वे पिछले लम्बे समय से इस पर कब्जा जमाए बैठे थे।
सरकारी संपत्तियों पर अधिकारियों का कब्जा कोई नई बात नहीं है, लेकिन वित्त जैसे विभाग और संयुक्त संचालक जैसे पद पर रहते हुए केएन शुक्ला जैसे अधिकारियों से यह उम्मीद नहीं की जा सकती थी। श्री शुक्ला ने कई नोटिसों के बावजूद चार इमली भोपाल स्थित सरकारी बंगले का लालच नहीं छोड़ा। अंतत: आज संपदा संचालनालय की एक टीम ने जाकर उनके बंगले को सील कर दिया।
प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।