नरेंद्र जैन @ खनियांधाना। शिवपुरी जिले की खनियांधाना की उप तहसील बामौरकलां कस्बे में प्रशासन ने एक ऐसा हटके और हैरान कर देने वाला दांव खेला, जिसे देखकर वहां के रहवासियों के होश उड़ गए। आमतौर पर दिन के उजाले में होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई जब इस बार देर शाम को अचानक परवान चढ़ी, तो हर कोई सन्न रह गया। बुलडोजर की गड़गड़ाहट और भारी पुलिस बल के साथ उतरे प्रशासनिक अमले को देख स्थानीय दंग रह गए और बोले कि ऐसा अचानक नजारा उन्होंने अपने पूरे जीवन में पहले कभी नहीं देखा था।
इस संयुक्त और ताबड़तोड़ ऑपरेशन के दौरान पिछोर की एसडीएम ममता शाक्य, खनियांधाना तहसीलदार निशिकांत जैन और बामौरकलां थाना प्रभारी कुसुम गोयल भारी पुलिस बल के साथ खुद मौके पर मुस्तैद नजर आए।
मीडिया को जानकारी देते हुए पिछोर एसडीएम ममता शाक्य ने बताया कि बामौरकलां क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण के कारण आए दिन घंटों भयंकर जाम की स्थिति बन रही थी। अधिकारियों ने सफाई दी कि इस जाम से आम जनता और राहगीरों को निजात दिलाने और सुगम यातायात व्यवस्था बहाल करने के लिए जनहित में यह कदम उठाया गया है। उनके मुताबिक यह कार्रवाई देर शाम करीब साढ़े पाँच बजे के आसपास शुरू की गई थी जो देर रात तक चली , जिसका मकसद केवल सड़क पर फैले अस्थाई अतिक्रमण को हटाना था।
हालांकि, भले ही प्रशासन इसे जनहित और ट्रैफिक सुधार बता रहा हो, लेकिन देर शाम अचानक हुई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्यशैली पर कई तीखे और चुभते सवाल दागे हैं। लोगों ने सीधे तौर पर पूछा कि अगर कोई अतिक्रमण था भी, तो प्रशासन ने कार्रवाई से पहले ग्रामीणों या दुकानदारों को कोई पूर्व सूचना या नोटिस क्यों नहीं दिया और न ही इलाके में कोई मुनादी करवाई? ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी चेतावनी के अचानक देर शाम भारी पुलिस बल और बुलडोजर लेकर पहुंच जाना और ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर देना पूरी तरह से तानाशाही और मनमाना रवैया है।
आमजनों ने अपनी भड़ास निकालते हुए यह भी बताया कि यह जाम आज या कल से नहीं लग रहा है, बल्कि यह समस्या सालों से चली आ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, इस भयंकर जाम से निजात दिलाने के लिए उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार और अपील की थी, तब किसी भी अधिकारी ने उनकी एक नहीं सुनी। लेकिन सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि जब शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा शिवपुरी से चंदेरी जा रहे थे और वे बामौरकलां के इस जाम में काफी देर तक फंसे रहे , तब जाकर प्रशासन की नींद खुली और आनन-फानन में यह बड़ी कार्रवाई की गई।
ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि क्या प्रशासन के पास दिन में कार्रवाई करने का समय नहीं था जो देर शाम अचानक ऐसा खौफ का माहौल बनाया गया, जिससे त्यौहार के समय छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी और सामान का भारी नुकसान हुआ है। बामौरकलां में देर शाम की इस अचानक कार्रवाई ने प्रशासन और जनता के बीच के टकराव को गहरा कर दिया है, जहां रहवासी इसे प्रशासनिक तानाशाही करार देते हुए तीखे तेवर दिखाए हुए हैं।

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