शिवपुरी। शिवपुरी शहर के शासकीय पीजी महाविद्यालय के लॉ स्टूडेंटस ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय आकर असिस्टेंट प्रोफेसर मंजू सोनी के खिलाफ एक शिकायती ज्ञापन सौंपा हैं,वहीं छात्रों का कहना हैं कि मंजू मेडम ने छात्रों के बीच झगड़ा करवाया और फिर स्वयं ने थाने जाकर झूठी एफआईआर दर्ज करवाई। स्टूडेटस ने मंजू मेडम पर शिक्षकों को फंसाने और फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार ऋषभ परोसिया ने बताया कि 29 अक्टूबर 2026 को कॉलेज के दो छात्र उदय शर्मा और दिलीप जाटव के बीच सीएम हेल्प लाइन को लेकर झगड़ा हुआ था और यह सीएम हेल्पलाइन दिलीप जाटव ने लगाई थी कि मुझे वायवाय में नंबर कम दिये हैं,इसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों स्टूडेंटस एक दूसरे के उपर हावी हो गये।
वहीं दिलीप जाटव ने प्रोफेसर महेश सर के उपर झूठे आरोप लगाये,कि यह झगड़ा सर ने करवाया हैं और वह सीधे मंजू मेडम के कक्ष में चला गया। इसके बाद पता नहीं ऐसा क्या हुआ, वहीं शिक्षक होने के नाते प्रोफेसर मंजू सोनी को यह विवाद शांत कराना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके विपरीत वे अपने कार्यालयीन समय में छात्र दिलीप जाटव को भड़काते हुए अपने साथ थाने ले गईं और दूसरे छात्र के खिलाफ झूठी FIR दर्ज कराने का प्रयास किया। छात्रों का दावा है कि प्रोफेसर सोनी ने अपने निजी स्वार्थ के लिए इस सामान्य विवाद को एक जातिगत मुद्दा बना दिया।
फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट का आरोप
वहीं स्टूडेंटस का आरोप हैं कि प्रोफेसर मंजू सोनी की नियुक्ति को लेकर छात्रों ने बताया कि प्रोफेसर सोनी ने दृष्टिबाधित कोटे के तहत फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी प्राप्त की है, जिसकी जांच भी चल रही है। छात्रों ने तर्क दिया है कि दृष्टिबाधित होने के कारण उनका ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बना है, इसके बावजूद वह दिन और रात दोनों समय बेहद आसानी से दोपहिया वाहन चलाती हैं, जो उनकी कथित दिव्यांगता की पोल खोलता है।
मंजू मेडम पर सहयोगी प्रोफेसर को फंसाने की साजिश
प्रोफेसर मंजू सोनी ने इस पूरे विवाद में कॉलेज के ही एक अन्य शिक्षक असिस्टेंट प्रोफेसर महेश प्रसाद को झूठा फंसाने की कोशिश की है। छात्रों ने प्रोफेसर महेश प्रसाद के पक्ष में खड़े होते हुए कहा कि वे हमेशा छात्रों की मदद के लिए लाइब्रेरी में उपलब्ध रहते हैं और उनका व्यवहार बेहद सकारात्मक है। छात्रों का आरोप है कि प्रोफेसर सोनी खुद कभी कक्षाएं नहीं लेती हैं और कॉलेज के स्टाफ व प्राचार्य पर दबाव बनाने के लिए सीधे-साधे छात्रों का दुरुपयोग कर रही हैं।
वहीं लॉ स्टूडेंट अनुप्रिया राठौड़ का कहना हैं कि मैं एलएलबी फाइनल इयर की स्टूडेंट हूं,अभी जो कॉलेज में लड़ाई हुई थी वह दो स्टूडेंटों के बीच की बातें थी,लेंकिन मंजू मेडम को इस विवाद को शांत कराना था,लेकिन वह हमारे कॉलेज के प्रोफेसर महेश प्रसाद सर के बार में उल्टी सीधी बातें कर रही थी, तथा मंजू मेडम कभी भी क्लास लेती नहीं हैं बस कैमरे में दिखाकर अपनी अटेंडेंस लागकर चली जाती हैं जबकि महेश सर रेगुलस क्लास लेते हैं,और सर हमें बहुत अच्छे से पढ़ाते हैं।
वहीं मेडम हमसे कहती हैं कि तुम्हें जैसे पढ़ना हैं पढ़ लो चाहे एआई से पढ़ लो या चेंटजीपीटी,वहीं मेडम साल में केवल एक दो बार ही क्लास लेती हैं,और आकर वह सीधे गल्र्स कॉमन रूप में बैठती हैं, वहीं मेडम थाने पर बैठकर यह कहती हैं कि लड़कियां सर का केक कटवाती हैं। इस प्रकार के मेडम हम स्टूडेंटस पर आरोप लगाती हैं जबकि हमारे सर बहुत अच्छे हैं।
तथा दिलीप को मेम भड़का रही हैं जबकि वह ऐसा हैं भी नहीं, और मेडम कभी भी रेगुलर क्लासेस नहीं लेती। वहीं मेडम हम लड़कियों से अच्छे से बात नहीं करती हमेश अभद्र भाषा में बात करती हैं। वहीं स्टूडेंटस का आरोप हैं कि मेडम से हमें इस बात का डर रहता हैं कि कहीं वह हमारे अटेंडेंस नहीं काट दे, क्योंकि मेडम हमें हमारी अटेंडेंस ना लगाने की धमकी देती हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
उदय शर्मा, सचिन, ऋषभ, शशांक समेत विधि संकाय के तमाम छात्रों ने पुलिस अधीक्षक से निवेदन किया है कि महाविद्यालय में गुटबाजी और भय का माहौल पैदा करने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर मंजू सोनी की इस विवाद में क्रिमिनल भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए और उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

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