कोलारस। सियार के हमले के बाद एंटीरेबीज वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाने कोलारस स्वास्थ्य केंद्र पहुंची 45 वर्षीय महिला की गुरुवार को अचानक मौत हो गई। परिजनो का कहना है कि सीमा केवट अस्पताल तक अपने पैरों पर चलकर पहुंची थी और इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ी तथा उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन पर महिला को जिंदा बताकर शिवपुरी मेडिकल कॉलेज रेफर करने का आरोप लगाया गया है।
वहीं कोलारस बीएमओ डॉ. संजय राठौर का कहना है कि महिला अस्पताल में बेहोशी की हालत में आई थी और इंजेक्शन लगने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई,अस्पताल की ओर से महिला को रेफर नहीं किया गया,परिजन उसे अपनी मर्जी से मेडिकल कॉलेज लेकर गए। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और इंजेक्शन के सैंपल की जांच से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
20 सितंबर को सियार ने काटा था
मृतका सीमा पत्नी रामप्रसाद केवट, उम्र 45 वर्ष, मुबारिकपुर, कोलारस की रहने वाली थी। परिजनो का कहना है कि 20 सितंबर की शाम वह रेशम माता मंदिर के पास घर के बाहर बैठकर सब्जी काट रही थी। इसी दौरान पीछे से आए सियार ने उस पर हमला कर दिया और उसे काट लिया। घटना के बाद परिजन उसे कोलारस स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे एंटीरेबीज वैक्सीन का पहला डोज लगाया गया था। स्वजन के मुताबिक इसके बाद महिला की तबीयत सामान्य रही और वह घर लौट आई।
दूसरे डोज के लिए अस्पताल पहुंची, फिर बिगड़ी तबीयत
गुरुवार को एंटीरेबीज वैक्सीन का दूसरा डोज लगना था। सीमा सामान्य हालत में थी और स्वय चलकर अस्पताल पहुंची थी। उनके अनुसार सुबह करीब 11:30 बजे तक महिला अस्पताल में चल-फिर रही थी और वहां मौजूद कई लोगों ने उसे देखा था। आरोप है कि नर्स रीना नरवरिया ने जैसे ही एंटीरेबीज वैक्सीन का दूसरा डोज लगाया, महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वह तड़पने लगी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
मौत अस्पताल में हुई या महिला पहले से बेहोश थी
परिजनो का कहना है कि महिला की मौत अस्पताल में ही हो गई थी। इसके बावजूद उसे शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। घबराए परिजन महिला को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बीएमओ डॉ. संजय राठौर के मुताबिक महिला अस्पताल में बेहोशी की हालत में आई थी। उनका कहना है कि इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। उन्होंने रेफर करने की बात से भी इनकार किया है।
सीधी चुनौती- CCTV फुटेज सार्वजनिक कर दें
अस्पताल के दावे और परिजनो के आरोपों के बीच अब अस्पताल में लगे CCTV कैमरे महत्वपूर्ण हो गए हैं। मृतका के परिजनों का कहना है कि यदि महिला बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंची थी तो अस्पताल के CCTV फुटेज सार्वजनिक कर दिए जाएं। कैमरों की रिकॉर्डिंग से यह स्पष्ट हो सकता है कि सीमा किस हालत में अस्पताल पहुंची थी, वह खुद चलकर आई थी या नहीं और इंजेक्शन लगने के बाद उसके साथ क्या हुआ।
CMHO ने कहा- पोस्टमार्टम से स्पष्ट होगा मौत का कारण
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में महिला का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है। इसके अलावा ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. तनु गुप्ता को इंजेक्शन की सैंपलिंग और जांच के निर्देश दिए गए हैं। वह यह जांच करेंगी कि महिला को लगाया गया इंजेक्शन किस बैच का था और उसकी गुणवत्ता से संबंधित कोई समस्या तो नहीं थी। वही इस मामले की जानकारी भोपाल स्तर पर भी भेजी है।
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