शिवपुरी। एक एक्सपायरी मिल्क पाउडर के डिब्बे की धमक ने शिवपुरी जिले की मेडिकल स्टोर संचालको की नींद उडा दी है,इस डिब्बे की धमक से नीद से जागा शिवपुरी का ड्रग विभाग लगातार मेडिकल स्टोरो की जांच कर रहा हैं,मंगलवार को जांच टीम ने 4 मेडिकल स्टोर सील कर दिए वही इससे पूर्व शिव मेडिकल स्टोर सहित 3 मेडिकल स्टोर सील किए गए थे।
कुछ दिन पहले कलेक्टर बंगले पर एक्सपायरी मिल्क पाउडर पहुंचने के मामले के बाद शुरू हुई कार्रवाई अब शहर के मेडिकल स्टोर्स तक पहुंच गई है। मंगलवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने पांच मेडिकल स्टोर्स पर औचक निरीक्षण किया। इनमें से चार दुकानों में अनियमितताएं मिलने के बाद उन्हें सील कर दिया गया। कार्रवाई की खास बात यह रही कि जांच में केवल दवाओं के स्टॉक और गुणवत्ता को ही नहीं देखा गया, बल्कि बिक्री से जुड़े अभिलेख और रिकॉर्ड भी खंगाले गए। टीम के मुताबिक चार दुकानों पर आवश्यक विक्रय अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके और रिकॉर्ड में भी अनियमितताएं मिलीं।
पांच पर दबिश, चार पर कार्रवाई
कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल के मार्गदर्शन में औषधि निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने शहर के पांच मेडिकल स्टोर्स की जांच की। टीम में औषधि निरीक्षक उमेश रामचंदानी, रवि कुमार जाटव, जितेंद्र शर्मा और तनु गुप्ता शामिल रहे। टीम ने मेसर्स अलाव्य मेडिकल स्टोर, सहज मेडिकल स्टोर, एमएम फार्मेसी, श्रीश्याम मेडिकल स्टोर और श्रीसिद्धि विनायक मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्टॉक, दवाओं की गुणवत्ता, बिक्री रिकॉर्ड और संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की गई। जांच के बाद चार मेडिकल स्टोर्स में अनियमितताएं पाए जाने पर उन्हें सील कर दिया गया। कार्रवाई औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमावली 1945 के तहत की गई।
एक्सपायरी मिल्क पाउडर के बाद क्यों जागा महकमा?
शहर में मेडिकल स्टोर्स की जांच को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कलेक्टर बंगले पर एक्सपायरी मिल्क पाउडर पहुंचने की घटना के बाद औषधि विभाग की सक्रियता बढ़ी है? कुछ दिन पहले शिव मेडिकल स्टोर से कलेक्टर बंगले पर एक्सपायरी मिल्क पाउडर पहुंचने का मामला सामने आया था। इसके बाद प्रशासन और औषधि विभाग की कार्रवाई तेज हुई। इसी क्रम में शिव मेडिकल स्टोर को सील किए जाने की कार्रवाई भी हुई थी।
हालांकि बाद में दुकान खोले जाने के कुछ ही दिन बाद दोबारा कार्रवाई सामने आने से भी सवाल उठे हैं कि आखिर पहली कार्रवाई के बाद ऐसी क्या स्थिति बनी कि मेडिकल स्टोर को फिर सील करना पड़ा।
सवाल सिर्फ चार दुकानों का नहीं
मंगलवार की कार्रवाई में पांच दुकानों में से चार पर कार्रवाई हुई है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि शहर के अन्य मेडिकल स्टोर्स में दवाओं के स्टॉक, एक्सपायरी डेट, बिलिंग और बिक्री अभिलेखों की स्थिति क्या है? यदि औषधि विभाग की नियमित जांच में इस तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं तो यह कार्रवाई केवल मंगलवार तक सीमित रहेगी या शहर के दूसरे मेडिकल स्टोर्स तक भी पहुंचेगी, यह देखने वाली बात होगी।
अब कार्रवाई की निरंतरता पर नजर
दवाएं सीधे आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती हैं। ऐसे में औषधि दुकानों पर रिकॉर्ड और दवाओं की गुणवत्ता की जांच महत्वपूर्ण है। मंगलवार की कार्रवाई ने एक बार फिर शहर के मेडिकल स्टोर्स की निगरानी को चर्चा में ला दिया है।

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