बदरवास। बदरवास जनपद पंचायत के ग्राम रिन्हाय में मक्का के खेत के बीच तीन छोटे बच्चों के दिखाई देने के बाद गांव में कौतूहल के साथ दहशत का माहौल बन गया। खेत में मिले इन नन्हे जीवों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो देखते ही देखते चर्चा फैल गई कि खेत में तेंदुए या चीते के शावक छिपे हुए हैं।
हालांकि, वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर वायरल वीडियो के आधार पर इन बच्चों को जंगली बिल्ली के बच्चे बताया है। बच्चों के खेत से गायब हो जाने के कारण वन विभाग की टीम को मौके पर प्रत्यक्ष रूप से उन्हें देखने का अवसर नहीं मिल सका।
मक्का के खेत में अचानक नजर आए तीन बच्चे
जानकारी के मुताबिक ग्राम रिन्हाय निवासी रामकृष्ण कुशवाह अपने मक्का के खेत की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में मौजूद तीन छोटे बच्चों पर पड़ी। खेत में एक साथ तीन बच्चों को देखकर रामकृष्ण की नजर उन पर टिक गई। इन बच्चों के शरीर पर दिखाई दे रहे निशान और उनकी बनावट सामान्य बिल्ली के बच्चों से अलग नजर आ रही थी। इसी वजह से रामकृष्ण को ये किसी जंगली जानवर के बच्चे लगे। उन्होंने तत्काल मोबाइल से उनका वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
वीडियो वायरल होते ही शुरू हुई शावकों की चर्चा
वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद गांव सहित आसपास के क्षेत्र में भी चर्चा शुरू हो गई। वीडियो देखने वाले ग्रामीण अपनी-अपनी आशंका जताने लगे। कुछ ग्रामीण इन्हें तेंदुए के बच्चे मानने लगे तो कुछ ने इन्हें चीते के शावक बताया। मक्का के खेत में जंगली जानवर के बच्चों की खबर फैलने के बाद लोगों की उत्सुकता भी बढ़ गई। आसपास के लोग बच्चों को देखने के लिए मौके पर पहुंचने लगे।
ग्रामीण पहुंचे तो गायब मिले तीनों बच्चे
जब ग्रामीण बच्चों को देखने के लिए खेत में पहुंचे, तब तक तीनों बच्चे वहां से गायब हो चुके थे। ग्रामीणों ने आसपास के खेतों और झाड़ियों में उनकी तलाश की, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका। मामले की जानकारी वन विभाग तक पहुंची तो विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने आसपास के क्षेत्र में बच्चों की तलाश की, लेकिन मौके पर उक्त बच्चे नहीं मिले।
वन विभाग ने कहा-वायरल वीडियो में जंगली बिल्ली के बच्चे
मामला सामने आने के बाद वायरल वीडियो को वन विभाग के अधिकारियों ने देखा। वन विभाग का कहना है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चे जंगली बिल्ली के हैं। वन विभाग के अनुसार, बच्चों की पहचान तेंदुए या चीते के शावक के रूप में नहीं हुई है। हालांकि, बच्चों के मौके पर नहीं मिलने के कारण उनकी प्रत्यक्ष जांच नहीं हो सकी।
खेत में मिले बच्चों ने बढ़ाई ग्रामीणों की जिज्ञासा
गांव में एक ओर जहां इन बच्चों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं, वहीं दूसरी ओर खेत में तीन छोटे जंगली जानवरों के बच्चे मिलने की घटना ने ग्रामीणों की जिज्ञासा बढ़ा दी है। वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बच्चे वहां से निकल चुके थे।
वन विभाग की ओर से फिलहाल ग्रामीणों को अफवाहों पर ध्यान न देने और जंगल अथवा खेतों में किसी वन्यजीव के बच्चे दिखाई देने पर उनके साथ छेड़छाड़ नहीं करने की सलाह दी जा सकती है। वन्यजीवों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में ऐसी स्थिति में संबंधित वन विभाग को सूचना देना अधिक उचित रहता है। वही रवि पटेरिया, वन परिक्षेत्र अधिकारी बदरवास ने बताया कि वायरल वीडियो में जो बच्चे दिखाई दे रहे हैं, वे जंगली बिल्ली के हैं।

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