Ex_Rey @ Lalit Mudgal शिवपुरी। शिवपुरी के जनमानस और गुना-शिवपुरी सहित अशोकनगर तीनो जिलो के स्वामी श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया को पीड़ा देने वाली खबर है कि शिवपुरी शहर में हवाई पट्टी पर बनने वाला 45 करोड़ का एयरपोर्ट अब MTR ( माधव टाइगर रिजर्व) के नियमों के पिंजरे में कैद हो गया है। अब एयरपोर्ट के लिए नई जगह तलाश की जा रही है।
इस एयरपोर्ट को लोकसभा चुनावों से पहले स्वीकृति मिली थी। अब सवाल यह है कि श्रीमंत के नाम से लॉन्च हुए विकास मॉडल की स्वीकृति से पूर्व शिवपुरी की हवाई पट्टी पर एयरपोर्ट डबलपमेंट में आने वाले नियमों पर विचार क्यों नहीं किया गया?
दूसरा सवाल यह भी उठता है कि क्या एयरपोर्ट का विकास केवल एक विज्ञापन था, क्योंकि स्वीकृति के इतने वर्ष बाद भी एयरपोर्ट के लिए अब दूसरी जगह तलाश की जा रही है।
एयरपोर्ट परियोजना एमटीआर के ईको सेंसिटिव जोन में फंस गई
शिवपुरी में विकास की उड़ान भरने से पहले ही एयरपोर्ट परियोजना एमटीआर के ईको सेंसिटिव जोन में फंस गई। लोकसभा चुनाव से पहले मौजूदा हवाई पट्टी की जमीन पर एयरपोर्ट बनाने के लिए ₹45 करोड़ की मंजूरी मिली, ₹30 करोड़ जारी भी हो गए, लेकिन अब प्रस्तावित जमीन का 87 मीटर हिस्सा माधव टाइगर रिजर्व के ईको सेंसिटिव जोन में आने से पूरी लोकेशन बदलने की नौबत आ गई है।
प्रशासन अब टोंगरा, पड़ोरा के पास भेड़ फार्म, बांसखेड़ी समेत दूसरी जगहों पर जमीन तलाश रहा है। यानी जिस परियोजना को मंजूरी के बाद निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना था, वह फिलहाल फिर से जमीन कहां मिलेगी के सवाल पर आकर खड़ी हो गई है।
200 हेक्टेयर जमीन की जरूरत
प्रस्तावित एयरपोर्ट में 1800 से 2700 मीटर लंबा रनवे बनाया जाना है। इसके लिए करीब 200 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। मौजूदा जगह पर ईको सेंसिटिव जोन की बाधा सामने आने के बाद प्रशासन ने दूसरी जमीनों की तलाश शुरू कर दी है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के दो सदस्य पिछले सप्ताह शिवपुरी आए। एयरपोर्ट के लिए भू-अर्जन प्रक्रिया के तहत राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ शिवपुरी जिले में टोंगरा, पड़ोरा के पास भेड़ फार्म, बांसखेड़ी आदि जगहों पर जमीन देखी है। एविएशन की टीम ने लोकेशन से जिला मुख्यालय शिवपुरी की दूरी, मिट्टी परीक्षण आदि की प्रक्रिया की है। लेकिन इनमें से कोई लोकेशन फाइनल नहीं की गई है।
कलेक्टर ने कहा-लोकेशन फाइनल होना बाकी
इस मामले में कलेक्टर शिवपुरी अर्पित वर्मा ने बताया कि हवाई पट्टी के पास पूर्व में प्रस्तावित एयरपोर्ट स्थगित हो गया है। एयरपोर्ट के लिए शिवपुरी के आसपास लोकेशन विजिट करा दी हैं।
अब एविएशन की ओर से लोकेशन फाइनल करना है। लोकेशन फाइनल होते ही राजस्व विभाग की ओर से जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
सवाल बड़ा है और जवाब के लिए खड़ा है
शिवपुरी से महानगरों की तत्काल यात्रा कराने वाली इस योजना का खाका खींचा जा रहा था, जब शिवपुरी की हवाई पट्टी के पड़ोसी माधव टाइगर रिजर्व की सीमा के नियमों की अनदेखी क्यों की गई थी?
₹45 करोड़ की मंजूरी से पहले जमीन और एमटीआर के नियमों की पड़ताल क्यों नहीं हुई? अब नियमों की अनदेखी के कारण इस प्रोजेक्ट पर ग्रहण लग गया है। पैसा है, पर जमीन नहीं है। अब फिर इस प्रोजेक्ट की एबीसीडी फिर से शुरू करनी होगी।

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