शिवपुरी। माधव टाइगर रिजर्व के टाइगरो सहित अन्य वन्य जीवो की नाइट वॉक सुरक्षित करने के लिए अब शिवपुरी-झांसी लिंक रोड को बंद किया जा सकता है,रिजर्व प्रबंधन ने सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन और वन्यजीवो की सुरक्षा के लिए एक पत्र कलेक्टर शिवपुरी अर्पित वर्मा को लिखा है।
इस पत्र मे मांग की गई है कि सूर्यअस्त से सूर्योदय तक झांसी-शिवपुरी की रोड पर यातायात प्रतिबंध किया जाए,प्रबंधन का तर्क है कि यह सडक माधव टाइगर रिजर्व के कॉर एरिया मे आती है और रात के समय इस सडक से टाइगर सहित कई अन्य वन्यजीव इस सडक को क्रॉस करते है,वन्यजीवो की सुरक्षा के लिए इस सडक पर रात के समय यातायात को प्रतिबंध किया जाना आवश्यक है।
झांसी लिंक रोड करीब 12.50 किमी लंबी है और इसका लगभग 7 किमी हिस्सा माधव टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से गुजरता है। यह सड़क कोटा-झांसी फोरलेन हाईवे से जुड़ी होने के कारण दिन में भी व्यस्त रहती है, लेकिन रात में खासतौर पर भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। वन विभाग की चिंता इसी रात के ट्रैफिक को लेकर है।
रिजर्व प्रबंधन के अनुसार ठाकुर बाबा घाटी से घसारही के बीच टाइगर सहित अन्य वन्यजीवों की लगातार आवाजाही बनी हुई है। वन्यजीव सड़क पार कर कोर एरिया के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार भारी वाहनों की मौजूदगी से वन्यजीवों की गतिविधियां प्रभावित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
इसी को देखते हुए प्रबंधन ने रात में भारी वाहनों को इस मार्ग से हटाने का प्रस्ताव रखा है। विभाग का कहना है कि शहर में भारी वाहनों के आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हैं, इसलिए रात में इस हिस्से पर प्रतिबंध लगाने से सामान्य यातायात व्यवस्था पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
34 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना होगा।
वन विभाग द्वारा अगर माधव नेशनल पार्क के कोर एरिया से होकर शिवपुरी शहर की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया जाता है, तो आपको पड़ोरा होकर काफी लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा।
वाहन चालकों को पहले फोरलने के करई तिराहे से 24.6 किलोमीटर दूर पड़ोरा चौक जाना होगा।
पड़ोरा चौक पहुंचने के बाद आपको वहां से वापस शिवपुरी शहर आने के लिए लगभग 18 किलोमीटर और चलना होगा कुल मिलाकर अगर यह रास्ता बंद होता है तो आपको 34 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना होगा। इस नए रूट से शहर पहुंचने की कुल दूरी काफी बढ़ जाएगी, जिससे लोगों का समय व ईंधन दोनों अधिक खर्च होंगे।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से भी जुड़ रहा फैसला
इस प्रस्ताव को नवंबर 2025 में टीएन गोदावर्मन मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। कोर्ट ने टाइगर रिजर्व के कोर क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट से गुजरने वाली सड़कों पर सूर्यास्त से सूर्योदय तक वाहनों की आवाजाही रोकने संबंधी निर्देश दिए थे। इसमें एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों को अपवाद रखा गया था। साथ ही रिजर्व में वाहनों की क्षमता निर्धारित कर उसका पालन कराने पर भी जोर दिया गया था।
बांदीपुर की तर्ज पर रात में सड़क बंद करने का मॉडल
वन विभाग के सामने कर्नाटक के बांदीपुर टाइगर रिजर्व का उदाहरण भी है। वहां से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर रात में निर्धारित समय के लिए वाहनों की आवाजाही बंद रहती है। दोनों छोर पर चेकपोस्ट के जरिए वाहनों को रोका जाता है। इसका उद्देश्य रात के समय वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। शिवपुरी में अभी ऐसा कोई अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है। फिलहाल माधव टाइगर रिजर्व प्रबंधन का प्रस्ताव कलेक्टर के पास पहुंचा है और अब निर्णय जिला प्रशासन के स्तर पर होना है।
हरिओम, उप संचालक, माधव टाइगर रिजर्व के अनुसार, रात में कोर एरिया से भारी वाहनों की आवाजाही ज्यादा है, जबकि अन्य वाहनों की संख्या बेहद कम है। वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने के कारण भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने से यातायात पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा और वन्यजीवों की आवाजाही सुरक्षित हो सकेगी।

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