शिवपुरी। शिवपुरी जिले के दिनारा थाना क्षेत्र में वाहनों में इस्तेमाल होने वाले यूरिया जैसे पदार्थ के कथित अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया की विशेष पुलिस टीम ने सिंकदरा बैरियर के पास भगवती ढाबे के पीछे चल रही एक फैक्ट्री पर अचानक छापा मारा। कार्रवाई के दौरान बड़े-बड़े कंटेनरों में रखा करीब 14 हजार लीटर यूरिया जब्त किए जाने की बात सामने आई है।
खास बात यह रही कि विशेष पुलिस टीम स्थानीय पुलिस को जानकारी दिए बिना सीधे मौके पर पहुंची और कार्रवाई की। छापे के बाद दिनारा थाना पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जब्त सामग्री को अपने कब्जे में लिया।
स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगी
पुलिस के अनुसार विशेष टीम को सूचना मिली थी कि सिंकदरा बैरियर के पास भगवती ढाबे के पीछे एक स्थान पर अवैध तरीके से यूरिया तैयार किया जा रहा है। सूचना के आधार पर एसपी स्तर से टीम गठित कर मौके पर भेजी गई। शुक्रवार शाम टीम ने अचानक फैक्ट्री पर दबिश दी। पुलिस के पहुंचते ही वहां रखे बड़े कंटेनर जांच के दायरे में आ गए। तलाशी के दौरान इनमें बड़ी मात्रा में तरल पदार्थ मिला। पुलिस ने करीब 14 हजार लीटर यूरिया जब्त किया है। कार्रवाई के बाद दिनारा थाना पुलिस को सूचना दी गई और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई संभाली।
तीन भाई चला रहे थे कारोबार!
पुलिस के मुताबिक यह फैक्ट्री आनंद यादव और उसके दो भाइयों द्वारा संचालित की जा रही थी। स्थानीय स्तर पर यह भी जानकारी सामने आई है कि यहां पिछले करीब तीन साल से यह काम चल रहा था। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने लंबे समय से चल रही इस गतिविधि का नेटवर्क कितना बड़ा था और यहां तैयार होने वाला पदार्थ आखिर कहां-कहां पहुंचाया जाता था। पुलिस फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, निर्माण की प्रक्रिया, तैयार पदार्थ की सप्लाई और इससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
14 हजार लीटर पदार्थ के बाद सप्लाई नेटवर्क की तलाश
इतनी बड़ी मात्रा में पदार्थ बरामद होने के बाद पुलिस अब इसकी सप्लाई चेन की पड़ताल में जुट सकती है। जांच का एक अहम बिंदु यह भी होगा कि फैक्ट्री में तैयार किया जा रहा पदार्थ किन वाहनों या संस्थानों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गतिविधि में केवल फैक्ट्री संचालक शामिल थे या उनके साथ कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क भी काम कर रहा था।
पुलिस जांच में सामने आएगा असली खेल
मामले में पुलिस ने आनंद यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में फैक्ट्री के संचालन की अवधि, उत्पादन की प्रक्रिया, कच्चा माल कहां से आता था, तैयार पदार्थ कहां जाता था और इस पूरे कारोबार में कौन-कौन लोग जुड़े थे, जैसे सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे। विशेष पुलिस टीम की इस कार्रवाई के बाद अब यह सवाल भी चर्चा में है कि यदि स्थानीय लोगों के मुताबिक यह गतिविधि करीब तीन साल से चल रही थी, तो स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? हालांकि इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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