शिवपुरी। शहर की ठाकुर बाबा कॉलोनी में 35 वर्षीय वर्षा रजक की संदिग्ध मौत का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआती तौर पर आत्महत्या मानी जा रही इस घटना में अब मृतका के मायके पक्ष ने हत्या और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
उत्तर प्रदेश के इटावा से शिवपुरी पहुंचे परिजनों का कहना है कि वर्षा ने फांसी नहीं लगाई, बल्कि उसे फांसी पर लटकाया गया है।उन्होंने पति लखन रजक पर शराब के नशे में मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और दहेज जैसे वादों से मुकरने के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने जिला अस्पताल में शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराया है। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
तीसरी बार बसाई थी गृहस्थी, एक साल में उजड़ गया आशियाना
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वर्षा की यह तीसरी शादी थी, जबकि लखन रजक की भी यह दूसरी शादी थी। परिजनों के अनुसार, वर्षा के पहले पति की मौत हो चुकी थी। इसके बाद उसकी दूसरी शादी हुई, लेकिन वह रिश्ता टूट गया। करीब एक वर्ष पहले उसने शिवपुरी निवासी लखन रजक से कोर्ट मैरिज कर नई जिंदगी शुरू की थी। वहीं लखन की पहली पत्नी की भी मौत हो चुकी थी, जिसके बाद उसने वर्षा से विवाह किया था।
शादी से पहले बड़े-बड़े वादे, बाद में शुरू हुई प्रताड़ना
मृतका के भतीजे नितिन ने बताया कि शादी से पहले लखन ने परिवार को भरोसा दिया था कि वह वर्षा की 17 वर्षीय बेटी की धूमधाम से शादी कराएगा और उसके बेटे के नाम एक प्लॉट भी करेगा। इन वादों के भरोसे पर परिवार ने यह रिश्ता स्वीकार किया था। लेकिन आरोप है कि शादी के कुछ महीने बाद ही लखन का व्यवहार बदल गया। वह शराब के नशे में वर्षा के साथ मारपीट करने लगा और शादी से पहले किए गए सभी वादों से मुकर गया। परिजनों का कहना है कि वर्षा अक्सर फोन पर उन्हें अपनी प्रताड़ना और मारपीट की जानकारी देती थी।
परिजनों का आरोप- फांसी नहीं लगाई, फांसी पर लटकाया गया
इटावा से पहुंचे परिजनों ने सबसे गंभीर आरोप यह लगाया कि वर्षा ने आत्महत्या नहीं की है। उनका दावा है कि उसे फांसी पर लटकाया गया और पूरे मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। इसी आशंका के चलते उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच और पैनल से पोस्टमार्टम कराने की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए पुलिस ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया।
पहली पत्नी की मौत पर भी उठाए सवाल
मायके पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि लखन रजक की पहली पत्नी की भी फांसी लगने से मौत हुई थी। परिजनों का कहना है कि दोनों घटनाओं की परिस्थितियों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पति का दावा- कोई विवाद नहीं था
दूसरी ओर, लखन रजक ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उसका कहना है कि घटना वाले दिन दोपहर करीब तीन बजे उसने वर्षा के साथ चाय पी थी और इसके बाद वह जेसीबी चलाने काम पर चला गया था। लखन के मुताबिक, जब वह वापस लौटा तो वर्षा कमरे में फंदे पर लटकी मिली। उसने कहा कि उनके बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं था और वह वर्षा के दोनों बच्चों के साथ अपने दो बच्चों का भी पालन-पोषण कर रहा था। चारों बच्चे परिवार में साथ रह रहे थे।
पुलिस हर पहलू की कर रही जांच
कोतवाली पुलिस का कहना है कि मृतका के परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस आत्महत्या, प्रताड़ना और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप—सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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