Shivpuri News: सुमत हार्डवेयर के संचालक का कॉल रिसीव करते ही बैंक अकांउट हो गया साफ,पढिए

Lalit Mudgal
0
shivpuri-samachar

शिवपुरी। शिवपुरी सिटी कोतवाली सीमा मे स्थित शहर की प्रतिष्ठित संस्थान सुमत हार्डवेयर के संचालक के साथ एक लाख से अधिक रूपए की साईबर ठगी होने का मामला समाने आया है,इस ठगी मे ठग ने एक नंबर से सुमत हार्डवेयर के संचालक के मोबाइल पर एक कॉल किया,संचालक विकास गोयल ने जैसे ही कॉल को रिसीव किया उसके बाद कुछ ही मिनिटो मे बैंक अकाउंट खाली हो गया।
अब इस खबर के वह लोग अवश्य सोच रहे होगें जिनके नबंर बैंक अकाउंट से लिंक है, कि अब किसी अज्ञात नंबर से कॉल रिसीव करे की नही।

अब आप सोच रहे होगें की कॉल रिसीब करने से बैंक खाता खाली नही हो सकता है लेकिन यह हुआ है और ठगी पर सिटी कोतवाली मे अपराध भी पंजीवृद्ध हुआ है। साइबर विशेषज्ञो की माने तो 
सिर्फ कॉल रिसीव करने से बैंक खाता खाली नहीं होता। ऐसे मामलों में अक्सर मोबाइल पहले से किसी मैलवेयर, फर्जी ऐप, रिमोट एक्सेस या डिजिटल हैकिंग का शिकार होता है। कॉल केवल संयोग या ठगों की रणनीति का हिस्सा भी हो सकती है।

शिकायत के अनुसार विकास गोयल के बैंक ऑफ इंडिया खाते से चार अलग-अलग खातों में क्रमशः 49,999.97 रुपये, 39,999.99 रुपये, 5,000 रुपये और 6,660.99 रुपये यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर किए गए। अब जांच का सबसे अहम बिंदु यही है कि आखिर ट्रांजेक्शन किस डिवाइस से अधिकृत हुए, क्या मोबाइल में कोई संदिग्ध ऐप था, क्या किसी ने पहले बैंकिंग जानकारी हासिल कर ली थी, या मोबाइल किसी साइबर मैलवेयर से संक्रमित था ?

सिटी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल अब मोबाइल की फोरेंसिक जांच, बैंकिंग लॉग, यूपीआई रिकॉर्ड और ट्रांजेक्शन की डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ठगों ने किस तकनीक का इस्तेमाल कर इतनी बड़ी साइबर वारदात को अंजाम दिया।

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!