शिवपुरी। सरकारी दफ्तरों की लापरवाही कभी-कभी ऐसी तस्वीर पेश कर देती है, जिस पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। शिवपुरी जिले की रन्नौद नगर पंचायत का ऐसा ही एक मामला मंगलवार की जनसुनवाई में सामने आया, जहां एक व्यक्ति अपने पिता का नहीं बल्कि खुद का गलत मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर कलेक्टर के दरबार में न्याय मांगने पहुंचा। नगर पंचायत ने जिस व्यक्ति की मौत हुई थी उसकी जगह उसके जीवित बेटे का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। हैरानी की बात यह है कि गलती बताने और कई बार आवेदन देने के बावजूद वर्षों तक इस रिकॉर्ड में सुधार नहीं किया गया।
अब हालात यह हैं कि सरकारी दस्तावेजों में जीवित व्यक्ति को मृत मान लिया गया है और उसे अपने जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पिता की मौत हुई, लेकिन मृत बेटा हो गया
कोलारस विधानसभा क्षेत्र की रन्नौद तहसील के वार्ड क्रमांक-14, सेसई गांव निवासी गुड्डा आदिवासी ने जनसुनवाई में कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उसके पिता जगनी आदिवासी का अक्टूबर 2022 में निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद नगर पंचायत रन्नौद ने मृत्यु प्रमाण पत्र तो जारी किया, लेकिन उसमें मृतक के स्थान पर उसका ही नाम दर्ज कर दिया। गुड्डा ने बताया कि वह पढ़ा-लिखा नहीं है, इसलिए उस समय वह प्रमाण पत्र में दर्ज नाम पढ़ नहीं सका और दस्तावेज घर पर रख दिया।
फौती नामांतरण के समय खुली बड़ी गलती
जब पिता की जमीन का फौती नामांतरण उसके नाम किया जा रहा था, तब उसने अन्य दस्तावेजों के साथ यही मृत्यु प्रमाण पत्र तहसील में जमा किया। जांच के दौरान पटवारी ने बताया कि यह प्रमाण पत्र उसके पिता का नहीं, बल्कि उसके खुद के नाम से जारी किया गया है। यह सुनकर गुड्डा के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे तब पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उसके पिता की जगह उसे ही मृत घोषित कर दिया गया है।
नगर पंचायत के चक्कर काटता रहा, नहीं हुई सुनवाई
गुड्डा आदिवासी का कहना है कि उसने गलती सुधारने के लिए रन्नौद नगर पंचायत में आवेदन दिया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने जरूरी दस्तावेज भी जमा करा लिए, लेकिन महीनों तक उसे केवल चक्कर ही लगवाए गए। बार-बार अनुरोध करने के बावजूद मृत्यु प्रमाण पत्र में संशोधन नहीं किया गया। उसने इस मामले की शिकायत 181 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई, लेकिन वहां से भी कोई समाधान नहीं मिला।
अब कलेक्टर से न्याय की उम्मीद
आखिरकार परेशान होकर गुड्डा मंगलवार को जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचा और कलेक्टर से पूरे मामले की शिकायत की। उसने मांग की है कि नगर पंचायत की गलती तत्काल सुधारी जाए, सही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाए और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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