शिवपुरी। बिजली कटौती के विरोध में दर्ज एफआईआर के बाद करैरा विधानसभा के सिरसौद गांव में तनाव और बढ़ गया। शांति भंग के आरोप में हिरासत में लिए गए तीन युवकों को जेल भेजे जाने की सूचना मिलते ही ग्राम सरपंच अतर सिंह लोधी करैरा तहसील पहुंच गए। यहां उन्होंने तहसीलदार की गाड़ी के आगे लेटकर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और आरोप लगाया कि बिजली संकट के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीणों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। काफी देर तक चले विरोध के बाद तीनों युवकों की जमानत मंजूर कर उन्हें रिहा कर दिया गया।
इस मामले मे अब कई सवालो का जन्म हो रहा है। बिजली कटौती के विरोध मे किए गए 29 जुलाई के प्रर्दशन में प्रर्दशनकारियो ने शिवपुरी जिले के प्राभारी मंत्री और प्रदेश सरकार मे उर्जा मंत्री प्रदृम्मन सिंह तोमर की सांकेतिक शव यात्रा निकालकर अंतिम संस्कार कर दिया गया और चक्काजाम भी किया था। सरपंच अतर सिंह का कहना था कि लगातार 8 से 10 घंटे सिरसौद क्षेत्र मे लाइट काटी जा रही है। प्रदेश स्तर से इस प्रकार का कोई अधिकारियो पर आदेश हो तो सार्वजनिक करे,सवालो से भरी वीडियो सोशल पर वायरल हो रही है। बिजली कंपनी के अधिकारी इन सवालो पर मौन है।
शव यात्रा,पुलिस ने कर दिया मामला दर्ज
प्रदर्शन के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों ने लाइनमैन हरभजन जोशी (61) को अमोला थाने भेजकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 13 नामजद और 50-60 अज्ञातउलोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बाद अमोला थाना पुलिस ने हेमंत लोधी, राहुल सेन और सुमित साहू को हिरासत में लेकर शांति भंग के मामले में करैरा तहसील कार्यालय भेज दिया।
तीनों युवकों को जेल भेजे जाने की जानकारी मिलने पर सिरसौद के सरपंच अतरसिंह लोधी तहसील पहुंच गए। उन्होंने तहसीलदार ललित शर्मा की गाड़ी के आगे लेटकर युवकों की जमानत की मांग की। सरपंच ने आरोप लगाया कि पुलिस ग्रामीणों को झूठे मामलों में फंसा रही है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक जाम के दौरान एंबुलेंस को नहीं रोका गया था। काफी देर तक चले विरोध के बाद तहसीलदार ने तीनों युवकों की जमानत स्वीकार कर उन्हें रिहा कर दिया। बिजली कटौती और कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी अभी भी बनी हुई है।
एंबुलेंस व डायल 112 सेवाओं का हवाला देकर एफआईआर
कंपनी के लाइनमैन हरभजन जोशी ने एफआईआर दर्ज कराई है कि 27 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे वे ड्राइवर रामनिवास कुशवाह के साथ मामौनीखुर्द जा रहे थे। इसी दौरान सिरसौद के पास काली माता मंदिर नाले के समीप ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर रखा था। शिकायत के अनुसार राहुल सेन, प्रमोद कुशवाह, केशव लोधी, हेमंत लोधी, अतर सिंह लोधी, हरिकिशन लोधी, राधे वाल्मीकि, कल्ला कोली, रिंकू परिहार, पुष्पेंद्र लोधी, महेंद्र झा, धर्मेंद्र लोधी और अन्नी परिहार सहित 50-60 लोग सड़क पर बैठे थे। इस चक्काजाम के कारण एंबुलेंस और डायल-112 जैसी आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हुई।
हमने एंबुलेंस निकाल दी थी
चक्काजाम के दौरान हमने एंबुलेंस निकाल दी थीं। चक्का जाम में आश्वासन के बाद भी कंपनी ने कटौती कर दी। ग्रामीणों ने अर्थी निकाल दी। उसी कारण एफआईआर कराई है। जबकि हमने एंबुलेंस निकाल दी थीं। अतरसिंह लोधी, सरपंच, ग्राम पंचायत सिरसौद
सवाल जो जिंदा हैं
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली कटौती से परेशान होकर उन्होंने विरोध किया, लेकिन समाधान की जगह उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया। सवाल यह है कि क्या जनसमस्याओं के खिलाफ विरोध करने वालों पर सीधे एफआईआर दर्ज करना उचित है?वही अघोषित बिजली कट करने वाले अधिकारियो पर बिजली विभाग के उच्च अधिकारियो ने क्या कार्रवाही की
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