शिवपुरी। आखिरकार 108 एम्बुलेंस सेवा की लापरवाही पर कार्रवाई हुई। जिस मुद्दे को 9 जुलाई को शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने अपने सबसे लोकप्रिय कॉलम एक्सरे में प्रमुखता से उठाते हुए लिखा था कि शिवपुरी में दो नवजात की मौत, कलेक्टर के लिए 108 सिस्टम बना सबसे बड़ा टेस्ट, उसी खबर ने प्रशासन को हरकत में ला दिया।
खबर प्रकाशित होने के बाद कलेक्टर ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने जांच पूरी होने के बाद 108 एम्बुलेंस सेवा संचालित करने वाली कंपनी जेईएस प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड पर 3 लाख 47 हजार 436 रुपए का जुर्माना लगाया है।
यह कार्रवाई केवल आर्थिक दंड नहीं, बल्कि यह स्वीकारोक्ति भी है कि 108 एम्बुलेंस सेवा में गंभीर लापरवाही हुई थी। यही लापरवाही दो परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई थी। एक महिला को सड़क किनारे बच्चे को जन्म देना पड़ा, जबकि दूसरी घटना में समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली में प्रसव हुआ और नवजात बच्ची की मौत हो गई।
9 जुलाई की खबर बनी कार्रवाई की वजह
9 जुलाई को शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने अपने एक्सरे कॉलम में जिले की बदहाल 108 एम्बुलेंस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। खबर में लिखा गया था कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद केवल जांच के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन व्यवस्था में सुधार दिखाई नहीं देता। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया था कि क्या नए कलेक्टर इस व्यवस्था को पटरी पर ला पाएंगे या फिर अगली त्रासदी का इंतजार होगा।
खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय ने मामला राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक के समक्ष रखा।
जांच में कंपनी का जवाब नहीं बचा सका
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर ने बताया कि 9 जुलाई को बैराड़ और बदरवास क्षेत्र से 108 एम्बुलेंस की लापरवाही के मामले सामने आए थे। मामले की जांच के दौरान 108 सेवा संचालित करने वाली कंपनी जेईएस प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद 20 जुलाई 2026 को NHM भोपाल के अपर मिशन संचालक ने कार्रवाई के आदेश जारी करते हुए दो एम्बुलेंसों पर कुल 3 लाख 47 हजार 436 रुपए का जुर्माना लगाया हैं।
दो एम्बुलेंसों पर लगा जुर्माना
आदेश के अनुसार, सीएचसी कोलारस से संबद्ध बीएलएस एम्बुलेंस (CG-04-NS-2892) पर 2 लाख 47 हजार 244 रुपए तथा सीएचसी बैराड़ से संबद्ध बीएलएस एम्बुलेंस (CG-04-NZ-1364) पर 1 लाख 192 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह राशि कंपनी के परिचालन व्यय से काटी जाएगी।
बदरवास: ट्रैक्टर-ट्रॉली में हुआ प्रसव, नवजात की मौत
9 जुलाई को बदरवास के ग्राम बसाई निवासी काजल जाटव को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने 108 सेवा को कॉल किया, लेकिन आरोप है कि उन्हें बताया गया कि एम्बुलेंस दो घंटे बाद पहुंचेगी। मजबूरी में 1500 रुपए किराए पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से अस्पताल के लिए रवाना होना पड़ा। रास्ते में ही महिला ने बच्ची को जन्म दिया। जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप था कि यदि एम्बुलेंस समय पर पहुंच जाती तो बच्ची की जान बच सकती थी।
बैराड़:सड़क किनारे हुआ प्रसव, तहसीलदार की गाड़ी बनी सहारा
उसी दिन बैराड़ क्षेत्र के राजपुरा (टपरा) गांव की संजू आदिवासी को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने 108 सेवा को फोन किया, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी एम्बुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरी में महिला को बाइक से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में गोन्दोलीपुरा के पास उसने सड़क किनारे ही बच्चे को जन्म दे दिया। सूचना मिलने पर तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैस मौके पर पहुंचे और अपनी सरकारी गाड़ी से जच्चा-बच्चा को अस्पताल पहुंचाया। दोनों सुरक्षित रहे, लेकिन इस घटना ने भी 108 सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
क्या अब बदलेगी 108 सेवा की तस्वीर?
NHM की कार्रवाई ने यह तो साबित कर दिया कि लापरवाही हुई थी, लेकिन असली चुनौती अब जुर्माना वसूलने से आगे की है। सवाल यह है कि क्या इस कार्रवाई के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में 108 एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम सुधरेगा? क्या गर्भवती महिलाओं को अब ट्रैक्टर-ट्रॉली, बाइक या सड़क किनारे प्रसव जैसी मजबूरियों का सामना नहीं करना पड़ेगा?
फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि शिवपुरी समाचार द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद प्रशासन हरकत में आया और कार्रवाई हुई। अब जनता की नजर इस बात पर है कि यह कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रहती है या वास्तव में 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली में सुधार भी दिखाई देता है।
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