राजेंद्र बाथम। शिवपुरी। शिवपुरी जिले के कोलारस तहसील के पाली गांव में अदाणी ग्रुप की 2500 करोड़ की लागत से बनने वाली फैक्ट्री का आज शिलान्यास और भूमि पूजन प्रदेश के सीएम और क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य ने किया। इस अवसर पर अदाणी ग्रुप के चेयरमैन करण और जीत अदाणी मौजूद थे। ढाई हजार करोड़ की इस फैक्ट्री में कौन से हथियार बनेंगे यह सभी के मन मे एक प्रश्न है।
इस भूमिपूजन के कार्यक्रम के दौरान 5 मिनिट की एक वीडियो को प्रसारित किया गया था। इस अदाणी ग्रुप की फैक्ट्री में मिसाइलों का निर्माण होगा इसलिए इस फैक्ट्री को मिसाइल कॉम्पलेक्स का नाम दिया है। इसलिए यह फैक्ट्री दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी और पहली फैक्ट्री है। यह मिसाइल को डीआरडीओ की मदद से पूर्णत:स्वदेशी तकनीक से विकसित किया जाऐगा। सीधे शब्दों में लिखे दुश्मन के सीने और उसके हथियारों को जमींदोज के लिए मेक इन इंडिया लिखी शिवपुरी में बनी मिसाइल गिरेगी।
शिवपुरी से तैयार होंगे दुश्मन को नेस्तनाबूद करने वाले हथियार
इस मिसाइल कॉम्प्लेक्स में ऐसे हथियार तैयार किए जाएंगे जो युद्ध की स्थिति में दुश्मन के रडार, एयर डिफेंस सिस्टम, कम्युनिकेशन नेटवर्क, सैन्य ठिकानों और समुद्री जहाजों को सटीक निशाना बनाने में सक्षम होंगे। यही वजह है कि इस परियोजना को देश की रक्षा तैयारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
RudraM-II MISSILE :दुश्मन के रडार का सबसे बड़ा दुश्मन
शिवपुरी की फैक्ट्री में बनने वाली प्रमुख मिसाइलों में रुद्रम-II (RudraM-II) शामिल है। यह हवा से जमीन पर मार करने वाली स्वदेशी एंटी-रेडिएशन मिसाइल है, जिसे DRDO ने भारतीय वायुसेना के लिए विकसित किया है। यह मिसाइल दुश्मन के रडार स्टेशन, कम्युनिकेशन सेंटर और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाकर उन्हें कुछ ही क्षणों में ध्वस्त करने की क्षमता रखती है। इसमें डुअल-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर और आधुनिक गाइडेंस सिस्टम लगाया गया है।
NGARM MISSILE:150 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन पर सटीक वार
नई पीढ़ी की एंटी-रेडिएशन मिसाइल (NGARM) भी इसी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। इसकी मारक क्षमता 100 से 150 किलोमीटर तक है। यह मिसाइल विशेष रूप से दुश्मन के रडार और इलेक्ट्रॉनिक संचार प्रणाली को खोजकर नष्ट करने के लिए तैयार की गई है। इसे भारतीय वायुसेना के सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान के साथ संचालित किया जाता है।
LRGB Gaurav MISSILE, बिना इंजन के भी घातक हमला
फैक्ट्री में बनने वाले सबसे आधुनिक हथियारों में लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम (LRGB) गौरव भी शामिल रहेगा। करीब 1,000 किलोग्राम श्रेणी का यह प्रिसिजन गाइडेड हथियार बिना इंजन के केवल एयरोडायनामिक तकनीक के सहारे 100 से 150 किलोमीटर तक उड़कर अपने लक्ष्य को सटीकता से भेद सकता है। इसे भी Su-30MKI लड़ाकू विमान से लॉन्च किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पायलट दुश्मन की एयर डिफेंस रेंज से बाहर रहते हुए सुरक्षित तरीके से हमला कर सकते हैं।
NASM MISSILE: समुद्र में दुश्मन की चुनौती का जवाब
शिवपुरी में बनने वाली ASM (नेवल एंटी-शिप मिसाइल) भारतीय नौसेना की ताकत को कई गुना बढ़ाएगी। हर मौसम में काम करने वाली यह मिसाइल समुद्र में दुश्मन के युद्धपोतों और अन्य लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम है। इसका उपयोग हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमान दोनों से किया जा सकेगा।
TARA MISSILE : साधारण बम को बनाएगा स्मार्ट हथियार
शिवपुरी जिले के इस मिसाइल कॉम्प्लेक्स में TARA (टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन) प्रणाली का भी निर्माण किया जाएगा। यह तकनीक पारंपरिक बमों को अत्याधुनिक स्मार्ट प्रिसिजन गाइडेड वेपन में बदल देती है। इसकी प्रभावी मारक क्षमता 100 से 180 किलोमीटर तक है और यह बेहद सटीक निशाना लगाने में सक्षम है।
यह परियोजना केवल एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि शिवपुरी को देश के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क में स्थापित करने वाला ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। आने वाले वर्षों में यहां तैयार होने वाले स्वदेशी हथियार भारतीय सेनाओं की ताकत बढ़ाने के साथ-साथ भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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