कोलारस।शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम साखनौर से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। रविवार दोपहर को सिंध नदी में नहाने गए दो युवकों की पानी में डूबने से मौत हो गई। दोनों युवक अपने अन्य दोस्तों के साथ नदी में नहाने और पिकनिक मनाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान नदी के भीतर बने गहरे गड्ढों का अंदाजा न होने के कारण दोनों युवक उसमें समा गए और तेज बहाव व गहराई के कारण बाहर नहीं निकल पाए।
टूटे खुशियों के पहाड़, परिवारों में मचा कोहराम
नदी में डूबने वाले मृतकों की पहचान कोलारस निवासी प्रद्युम्न शर्मा (20 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय गोपाल शर्मा, और सादिक खान (24 वर्ष), पुत्र बाबू खान, के रूप में हुई है। इस हादसे ने दोनों परिवारों को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। मृतक प्रद्युम्न के पिता का कुछ महीनों पहले ही देहांत हुआ था, जिससे परिवार पहले ही सदमे में था और अब इकलौते जवान बेटे की मौत से मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, सादिक खान के घर में शादियों की तैयारियां चल रही थीं। ठीक दो महीने बाद सादिक का निकाह होने वाला था, लेकिन सेहरा सजने से पहले ही घर में मातम पसर गया।
ग्रामीणों ने दिखाया साहस, नहीं पहुंची सरकारी मदद
घटना के वक्त मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और मृतक के साथियों ने बताया कि जैसे ही दोनों युवक नदी में डूबे, तुरंत स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं को सूचित किया गया था। लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी कोई रेस्क्यू या राहत दल मौके पर नहीं पहुंचा।
प्रशासन का इंतजार करने के बजाय, स्थानीय ग्रामीणों और नदी किनारे मौजूद अन्य युवकों ने खुद की जान जोखिम में डालकर बचाव अभियान शुरू किया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत और खोजबीन के बाद ग्रामीणों ने दोनों युवकों को नदी के गहरे पानी से बाहर निकाला।
बाइक पर लादकर ले गए अस्पताल
प्रशासनिक उपेक्षा और एम्बुलेंस न मिलने के कारण ग्रामीणों और परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिना समय गंवाए, स्थानीय लोग दोनों अचेत युवकों को दोपहिया वाहन (बाइक) पर बीच में बैठाकर जैसे-तैसे कोलारस के शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे।
कोलारस अस्पताल में मौजूद ड्यूटी डॉक्टर ने दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत जिला अस्पताल शिवपुरी रेफर कर दिया। परिजन बेहद उम्मीदों के साथ उन्हें शिवपुरी लेकर भागे, जहां सादिक खान को जिला अस्पताल और प्रद्युम्न शर्मा को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। हालांकि, दोनों ही जगहों पर डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आक्रोश: समय पर मदद मिलती तो बच सकती थी जान
इस घटना के बाद कोलारस और साखनौर क्षेत्र में गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन या गोताखोरों की टीम मौके पर सक्रिय हो जाती और समय पर एम्बुलेंस मिल जाती, तो शायद आज दोनों युवक जिंदा होते।
पुलिसिया कार्रवाई: घटना की सूचना मिलने के बाद कोलारस थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस का कहना है कि शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। नदी के उस क्षेत्र में सुरक्षा के इंतजाम न होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

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