शिवपुरी। शिवपुरी पुलिस अधीक्षक की आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम मे करैरा की एक विवाहिता ने अपने ससुरालियो पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। विवाहिता ने अपने शिकायती आवेदन मे बताया कि दहेज की मांग पूरी नहीं करने पर उसके साथ लगातार मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई। सबसे गंभीर आरोप यह है कि आठ माह की गर्भावस्था के दौरान हुई मारपीट के कारण गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई।
श्रीमती ईशा अहिरवार निवासी करैरा ने बताया कि तीन वर्ष पहले झांसी निवासी जयप्रकाश अहिरवार से उसका विवाह हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। मायके पक्ष ने अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार विवाह में उपहार और दहेज दिया था, लेकिन कुछ समय बाद ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी।
आठ माह की गर्भावस्था में मारपीट का आरोप विवाहिता का सबसे गंभीर आरोप है कि जब वह आठ माह की गर्भवती थी, तब उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। उसके अनुसार इस घटना के बाद गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। महिला का कहना है कि इस घटना ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया।
चरित्र पर लांछन और घर से निकालने का आरोप आवेदन में महिला ने आरोप लगाया है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसके चरित्र पर भी लगातार आरोप लगाए गए। इतना ही नहीं, मई 2026 में पति उसे मायके छोड़ गया और जल्द वापस ले जाने का भरोसा देकर चला गया, लेकिन फिर लौटकर नहीं आया। महिला का कहना है कि उसके जेवर भी ससुराल पक्ष ने अपने पास रख लिए हैं।
समझौते की कोशिश भी रही बेनतीजा महिला के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच समझौते के लिए 26 जुलाई को करैरा में बैठक भी हुई थी, लेकिन समाधान निकलने के बजाय विवाद और बढ़ गया। उसने आरोप लगाया कि वहां भी उसके और उसके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
थाने में कार्रवाई नहीं होने का भी आरोप विवाहिता ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि उसने 26 जुलाई को करैरा थाने में शिकायत की थी, लेकिन उसकी शिकायत के अनुसार मामला दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में विस्तृत आवेदन देकर न्याय, सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस से न्याय की उम्मीद महिला ने आवेदन में आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उसके साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। उसने पुलिस से अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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