शिवपुरी। बागेश्वर धाम में दर्शन कर घर लौट रहे राजस्थान के श्रद्धालुओं का सफर शिवपुरी में दर्दनाक हादसे में बदल गया। एनएच-27 पर सुरवाया थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार इको वैन आगे चल रहे डंपर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में एक महिला श्रद्धालु और इको चालक की मौत हो गई, जबकि सात अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। एक परिवार की मां हमेशा के लिए बिछड़ गई, तो दूसरे परिवार का इकलौता बेटा अपनी दो मासूम बेटियों को छोड़कर दुनिया से चला गया।
जानकारी के अनुसार राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के श्रद्धालु 26 जुलाई को बागेश्वर धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए थे। मंगलवार शाम करीब पांच बजे दर्शन करने के बाद सभी इको वैन से वापस अपने घर लौट रहे थे। बुधवार देर रात करीब 12:30 बजे जैसे ही उनकी गाड़ी शिवपुरी जिले के सुरवाया थाना क्षेत्र में एनएच-27 पर पहुंची, तभी आगे चल रहे डंपर से जा टकराई।
टक्कर इतनी भीषण कि कार के उड़े परखच्चे प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि इको वैन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कई श्रद्धालु वाहन में ही फंस गए। सूचना मिलते ही सुरवाया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से शिवपुरी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचते ही महिला की मौत, चालक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने 40 वर्षीय शांता देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल इको चालक भरत माली (45) ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अन्य सात घायलों का इलाज जारी है।
ये श्रद्धालु हुए घायल हादसे में भगवती (45), बद्रीलाल (53), सीमा (50), गीता पांचाल (56), रामदेव कुमार (22), राजेश शर्मा (45) और रामेश्वर शर्मा (60) घायल हुए हैं। सभी का शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
हर महीने जाते थे बागेश्वर धाम, इस बार घर लौटी पत्नी की अर्थी, मृतका शांता देवी के पति राजू कुमार ने बताया कि उनका परिवार लगभग हर महीने बागेश्वर धाम के दर्शन के लिए जाता था। इस बार भी पत्नी शांता देवी और बेटा रामदेव उनके साथ गए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि दर्शन कर लौटते समय उनकी पत्नी हमेशा के लिए साथ छोड़ देगी। हादसे में उनका बेटा भी घायल हो गया।
इकलौते बेटे की मौत से टूट गया परिवार, हादसे में जान गंवाने वाले चालक भरत माली के पिता महावीर प्रसाद ने बताया कि भरत उनका इकलौता बेटा था। उसकी मौत से पूरा परिवार सदमे में है। भरत अपने पीछे दो नाबालिग बेटियों और परिवार की जिम्मेदारी छोड़ गया है। अब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पुलिस कर रही हादसे के कारणों की जांच,सुरवाया थाना पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। शवों को अंतिम संस्कार के लिए राजस्थान भेज दिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि रात के समय आगे चल रहे डंपर से इको वैन की टक्कर होने के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।
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