शिवपुरी। इस बार बारिश को लेकर खबरे राहत भरी नही आ रही थी,मानसून नियत समय पर नही आ सका इस कारण किसान चिंतित नजर आ रहा था,पिछले 3 दिन से शिवपुरी जिले को बादल तर कर रहे हैं,प्रकृति ने इतनी बारिश करा दी की किसानो की खरीफ सीजन की फसल की बोबनी कर सकते है लेकिन किसान अब सरकारी सिस्टम मे उलझ रहा है उसे पर्याप्त मात्रा मे खाद नही मिल रहा है। बताया जा रहा है कि बार बार सर्वर ठप हा रहा है और समय पर किसानो के मोबाइल पर ओटीपी नही पहंंच रहा है जिससे किसानो को परेशानी का सामना करना पड रहा है।
जिले के विभिन्न खाद वितरण केंद्रों पर इन दिनों किसानों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। प्रशासन द्वारा खाद वितरण को व्यवस्थित करने के लिए पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन के जरिए ओटीपी आधारित व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन यही व्यवस्था अब किसानों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है।
सर्वर ठप, ओटीपी गायब और बढ़ता इंतजार
कई केंद्रों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर होने के कारण पीओएस मशीनें ठीक से काम नहीं कर रहीं। कई बार सर्वर डाउन हो जाता है तो कई किसानों के मोबाइल पर ओटीपी ही नहीं पहुंचता। ऐसे में खाद वितरण की प्रक्रिया रुक जाती है और किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई किसान बार-बार लाइन में लगने के बाद भी बिना खाद लौट रहे हैं।
कृषि विभाग के अनुसार जिले में खाद वितरण के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। करीब 18.46 हजार मीट्रिक टन डीएपी जिले में उपलब्ध बताया गया है, लेकिन तकनीकी बाधाओं के कारण वितरण प्रभावित हो रहा है। विभाग का कहना है कि नेटवर्क और सर्वर की समस्या दूर होने पर वितरण सामान्य हो जाएगा।
बारिश के बाद बढ़ी मांग
लगातार हो रही बारिश के चलते किसान तेजी से बुवाई में जुट गए हैं। ऐसे समय में डीएपी की मांग अचानक बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि बुवाई का समय सीमित होता है। यदि समय पर खाद नहीं मिली तो फसल की उत्पादकता पर असर पड़ सकता है। इसलिए वितरण व्यवस्था को सरल और तेज बनाने की जरूरत है।
किसानों का छलका दर्द
कमल यादव, किसान (तेन्दुआ) ने बताया कि खाद केंद्र उनके गांव से कई किलोमीटर दूर है। सुबह से लाइन में लगे हैं, लेकिन दोपहर तक खाद नहीं मिल सकी। ओटीपी और सर्वर की समस्या के कारण काफी समय बर्बाद हो रहा है। मनीष विकराल, किसान (शिवरकावदा) ने कहा कि कई बार मोबाइल पर ओटीपी ही नहीं आता। बार-बार प्रयास के बाद भी खाद नहीं मिलती, जिससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है।
कमल पाल, किसान (रायछखेवड़ी) ने बताया कि कई केंद्रों पर कर्मचारियों ने सर्वर खराब होने की बात कहकर किसानों को लौटा दिया। इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।
कृषि अधिकारी ने क्या कहा?
उप संचालक कृषि मुनेश शाक्य ने बताया कि खाद वितरण पूरी तरह पीओएस मशीन और ओटीपी आधारित प्रणाली से किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर इंटरनेट और सर्वर से जुड़ी तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं, जिनके समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि घबराने की जरूरत नहीं है, जिले में खाद का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और वितरण व्यवस्था को नियमित बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
समय पर समाधान जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ सीजन के दौरान हर दिन किसानों के लिए महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में यदि तकनीकी समस्याएं लंबे समय तक बनी रहीं तो इसका सीधा असर बुवाई और उत्पादन पर पड़ सकता है। किसानों की मांग है कि खाद वितरण केंद्रों पर नेटवर्क की बेहतर व्यवस्था, अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती और वैकल्पिक वितरण प्रणाली लागू की जाए, ताकि अन्नदाता को खेत छोड़कर घंटों कतारों में खड़ा न रहना पड़े।

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