पिछोर। खनियाधाना थाना क्षेत्र के ग्राम रिछाई में पत्नी की हत्या के मामले में करीब चार वर्ष बाद न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। पिछोर स्थित अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी पति को पत्नी की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) तथा अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह फैसला अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर सुनाया।
यह निर्णय अपर सत्र न्यायाधीश किशोर कुमार गहलोत की अदालत ने सुनाया। मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक अमित कुमार वर्मा ने प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपों को साक्ष्यों के माध्यम से सिद्ध किया।
घर में मिला था महिला का शव
अभियोजन के अनुसार, खनियाधाना थाना क्षेत्र के ग्राम रिछाई निवासी कुमकुम का शव 8 अक्टूबर 2021 को उसके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतका के शरीर और गले पर चोट के स्पष्ट निशान पाए गए, जिससे हत्या की आशंका और मजबूत हो गई।
मायके पक्ष ने लगाए थे गंभीर आरोप
जांच के दौरान मृतका के परिजनों ने पुलिस को बताया था कि आरोपी पति मोनू उर्फ देवेंद्र शराब पीने का आदी था। वह अक्सर नशे की हालत में पत्नी के साथ मारपीट करता था और घरेलू विवाद होते रहते थे। इन तथ्यों को पुलिस ने जांच में शामिल किया और पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया।
साक्ष्य और गवाह बने फैसले का आधार
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष विभिन्न दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। न्यायालय ने सभी तथ्यों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी मोनू उर्फ देवेंद्र को पत्नी की हत्या का दोषी माना।

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